14 या 15 मार्च, कब से शुरू हो रहा खरमास? न करें ये 5 काम, कारण हैं ग्रहों के राजा

14 या 15 मार्च, कब से शुरू हो रहा खरमास? न करें ये 5 काम, कारण हैं ग्रहों के राजा

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14 या 15 मार्च, कब से शुरू हो रहा खरमास? न करें ये 5 काम, जानें क्या है वजह

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Kharmas kab se hai 2026 march me: खरमास एक अशुभ महीना है, जिसमें कोई भी शुभ काम करने की मनाही है. सूर्य देव जब मीन और धनु राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास लग जाता है. इस साल खरमास कब है, 14 या 15 मार्च? खरमास कब तक रहेगा? खरमास में कौन से काम नहीं करने चाहिए? आइए जानते हैं इसके बारे में.

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मार्च 2026 में खरमास कब से है? (Photo: AI)

Kharmas 2026 Start And End Date: खरमास को अशुभ महीना माना जाता है. सूर्य कैलेंडर के अनुसार मीन और धनु माह में खरमास लगता है. सूर्य देव हर माह में एक निश्चित समय पर एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करते हैं, जिस राशि में वह प्रवेश करते हैं, उस माह का नाम उस राशि से होता है. ग्रहों के राजा सूर्य देव अभी कुंभ राशि में हैं और वे मार्च में मीन राशि में गोचर करने वाले हैं, उस दिन से खरमास शुरू हो जाएगा. आइए जानते हैं कि इस बार खरमास का प्रारंभ 14 मार्च से हो रहा है या 15 मार्च से? खरमास में कौन से 5 काम नहीं करने हैं?

खरमास कब से है 2026?

पंचांग के अनुसार, सूर्य का गोचर मीन राशि में 15 मार्च दिन रविवार को 01:08 ए एम पर हो रहा है. कुछ लोग इसे 14 मार्च की देर रात 01:08 ए एम लिख रहे हैं. इससे लोगों में कन्फ्यूजन की स्थिति बन जा रही है कि खरमास 14 मार्च से शुरू है या 15 मार्च से.

लेकिन आप ध्यान से देखें तो दोनों में समय एक ही है. लिखने का तरीका अलग-अलग है. अंग्रेजी कैलेंडर में 00:01 एएम से नया दिन शुरू होता है. इस आधार पर 01:08 ए एम का समय देखा जाए तो 15 मार्च लगता है. लेकिन आम बोलचाल में लोग इसे ऐसे भी बोलते हैं कि 14 मार्च की देर रात 01:08 ए एम पर. ऐसे में असमंजस में पड़ने की जरूरत नहीं है. इस तरह से खरमास 15 मार्च से शुरू हो रहा है.

खरमास कब तक है?

15 मार्च से शुरू होने वाला खरमास 1 महीने तक रहेगा. सूर्य देव 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे. मेष में आते ही खरमास का समापन हो जाएगा.

इस तरह से खरमास 15 मार्च से लेकर 14 अप्रैल को सुबह तक है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार खरमास का प्रारंभ चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि से लेकर वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि तक है.

खरमास में कौन से 5 काम न करें?

  1. खरमास के समय में आप कोई भी नया काम, ​नया बिजनेस या कोई नया प्रोजेक्ट न शुरू करें. यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको उसका मनचाहा परिणाम प्राप्त नहीं होगा. उसमें देरी हो सकती है, अटक सकता है.
  2. खरमास में गृह प्रवेश नहीं करते हैं. आपका नया मकान बन गया है तो खरमास से पहले या फिर उसके बाद ही उसमें गृह प्रवेश करें. खरमास में नए घर में जाना अशुभ फलदायी माना जाता है. परिवार की उन्नति नहीं होती है, सुख और शांति में बाधा आ सकती है.
  3. खरमास के समय में नए रिश्ते की शुरुआत न करें. सगाई, विवाह आदि जैसे मांगलिक कार्यों को करने की मनाही है.
  4. खरमास में मुंडन, जनेऊ, नामकरण जैसे संस्कार भी वर्जित हैं.
  5. खरमास में नए घर की नींव भी नहीं डालते हैं. कुछ लोग खरमास में नया मकान, नई कार या कोई नई प्रॉपर्टी नहीं खरीदते हैं.

इसलिए खरमास में नहीं करते हैं कोई शुभ काम

खरमास के समय में ग्रहों के राजा सूर्य देव की गति धीमी हो जाती है. वे हर साल जब देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु और मीन में आते हैं, तो उनकी गति धीमी हो जाती है. शुभ कार्यों के लिए सूर्य का उच्च स्थिति में होना आवश्यक है. इस व​ज​ह से खरमास में कोई शुभ काम नहीं करते हैं.

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कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. डिजि…और पढ़ें

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