Holi 2026 Exact Date: होली 4 या 5 मार्च को? विद्वान ज्योतिष ने बताया कब रंग खेलना शुभ

Holi 2026 Exact Date: होली 4 या 5 मार्च को? विद्वान ज्योतिष ने बताया कब रंग खेलना शुभ

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Holi 2026 Correct Date: पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा की उदया तिथि 3 मार्च को है. 2 मार्च को भद्रा का साया है. ऐसे में होलिका दहन 3 मार्च सोमवार को है और रंगों वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी. इस दिन लोग एक दूसरे को रंग, अबीर, गुलाल लगाते हैं, मिठाई और पकवान खिलाते हैं, उसके बाद शुभकामनाएं देते हैं.

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रंगों वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी.

Holi 2026 Exact Date: होली का त्योहार भारतीय संस्कृति में रंगों, खुशियों और आपसी मेल-मिलाप का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है. इस दिन जहां एक ओर लोग रंगों की मस्ती में सराबोर होते हैं, वहीं दूसरी ओर घरों में बनने वाले गुझिया और मालपुए जैसे पकवान उत्सव के आनंद को दोगुना कर देते हैं. रंगों वाली होली से ठीक एक दिन पहले होलिका दहन की परंपरा निभाई जाती है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. हालांकि साल 2026 में तिथियों के फेर और भद्रा के साये के कारण होली की सटीक तारीख को लेकर लोगों में काफी असमंजस बना हुआ है. ज्योतिषीय गणनाओं के आधार पर जानते हैं कि इस बार रंगों वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी या 5 मार्च को. इससे आपकी कंफ्यूजन दूर हो जाएगी.

केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जम्मू के ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी ने News18 को बताया कि पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा की उदया तिथि इस बार 3 मार्च को पड़ रही है. ज्योतिष शास्त्र के नियमों के मुताबिक होलिका दहन हमेशा भद्रा रहित प्रदोष काल में किया जाना चाहिए. 2 मार्च को पूरे दिन भद्रा का साया रहने के कारण उस दिन होलिका दहन शास्त्र सम्मत नहीं माना गया है. भद्रा की उपस्थिति के कारण प्रदोष काल का शुद्ध मुहूर्त प्राप्त नहीं हो पा रहा है, इसलिए 2 मार्च को होलिका दहन नहीं किया जाएगा. इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च, मंगलवार को किया जाएगा. फाल्गुन पूर्णिमा की उदया तिथि और भद्रा दोष की समाप्ति के बाद ही अग्नि प्रज्वलित करना शुभ होगा.

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कब खेली जाएगी रंगों वाली होली?

शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन के अगले दिन यानी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को रंगों वाली होली खेली जाती है. चूंकि होलिका दहन 3 मार्च को संपन्न होगा, इसलिए रंगवाली होली का मुख्य उत्सव 4 मार्च 2026 बुधवार को मनाया जाएगा. इस दिन लोग एक-दूसरे को अबीर, गुलाल और विभिन्न रंग लगाकर गले मिलते हैं और मिठाइयां खिलाकर त्योहार की शुभकामनाएं देते हैं. 4 मार्च का दिन ही ज्योतिषीय दृष्टिकोण से रंग खेलने के लिए सबसे उपयुक्त और शुभ माना गया है.

होली पर रंगों के मायने समझ लीजिए

होली पर इस्तेमाल होने वाले लाल, पीले, हरे और गुलाबी जैसे हर रंग का अपना एक विशेष महत्व है, जो जीवन के विविध अनुभवों और भावनाओं को दर्शाते हैं. रंगों के साथ-साथ इस दिन घर-घर में बनने वाले पकवान जैसे दही-भल्ले, गुझिया और कचौड़ी इस उत्सव को संपूर्ण बनाते हैं. यह त्योहार भेदभाव को मिटाकर सबको एक ही रंग में रंगने का अवसर देता है. धुलंडी के दिन दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ खुशियां बांटना ही इस पर्व की असली सार्थकता है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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