1000 हजार साल पुराना है काशी का यह मंदिर, स्कंद पुराण में है जिक्र, अब हालात कुछ ऐसे कि

1000 हजार साल पुराना है काशी का यह मंदिर, स्कंद पुराण में है जिक्र, अब हालात कुछ ऐसे कि

होमताजा खबरधर्म

1000 हजार साल पुराना काशी का यह मंदिर, स्कंद पुराण में जिक्र, अब हालात ऐसे

Last Updated:

Someshwar Mahadev Temple: शिव की नगरी काशी पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. बताया जाता है कि यहां हर गली में कम से कम एक या दो मंदिर जरूर मिल जाएंगे. काशी में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के साथ कई ऐसे मंदिर हैं, जो लगभग 1000 से भी ज्यादा पुराने हैं. आज हम आपको काशी के सोमेश्वर महादेव मंदिर के बारे में बताएंगे, जिसका जिक्र स्कंद पुराण में किया गया है लेकिन आज के समय में मंदिर धीरे धीरे अस्तित्व खो रहा है.

Zoom

Kashi Someshwar Mahadev Temple: दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहरों में से एक वाराणसी, जिसे बनारस या काशी भी कहा जाता है, हिंदुओं का प्रमुख तीर्थस्थल है. उत्तर प्रदेश में गंगा के तट पर स्थित वाराणसी एक पवित्र और ऐतिहासिक शहर है, जिसे शिव की नगरी भी कहा जाता है. बनारस अपने प्रसिद्ध ‘काशी विश्वनाथ मंदिर’ के साथ सुबह-शाम की भव्य और पारंपरिक तरीके से की जाने वाली गंगा आरती के लिए जाना जाता है. माना जाता है कि गंगा स्नान और काशी विश्वनाथ के दर्शन से मोक्ष की प्राप्ति होती है. यह शहर ज्ञान, आध्यात्मिकता, संगीत, संस्कृति और कला के केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है, जो अपने घाटों, साड़ियों और पान के लिए भी विश्व भर में जाना जाता है.

मंदिरों का शहर है काशी
बनारस सनातन संस्कृति का एक प्रमुख केंद्र है, जहां 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ हजारों मंदिर स्थित हैं. बनारस के बारे में कहा जाता है कि यहां की हर गली में एक मंदिर है, जिसके कारण इसे मंदिरों का शहर भी कहा जाता है. वाराणसी के उन्हीं मंदिरों में से एक ‘सोमेश्वर महादेव मंदिर’ है, जो काशी के हृदय में स्थित एक अत्यंत पवित्र, ऐतिहासिक और प्राचीन शिव मंदिर है.

1000 साल पुराना सोमेश्वर महादेव मंदिर
लगभग 1,000 साल पुराना सोमेश्वर महादेव मंदिर अब अपना अस्तित्व खोने के कगार पर है. मंदिर पूर्ण रूप से जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है और वहां तक जाने का रास्ता भी खतरनाक और खंडहरनुमा हो गया है. इस मंदिर की स्थिति ऐसी हो गई है कि छत कभी भी गिर सकती है. मान्यता है कि काशी का सोमेश्वर महादेव मंदिर कभी सनातन धर्म का प्रकाशमान केंद्र था, जहां महादेव के परम उपासक दूर-दूर से ध्यान करने के लिए आते थे.

स्कंद पुराण में है मंदिर का जिक्र
मंदिर में सफेद संगमरमर शिवलिंग के सामने नंदी की मूर्ति विराजमान है. इसी के साथ मंदिर में हनुमानजी का भी एक दुर्लभ स्वरूप है, जिनके दोनों कंधों पर राम और लक्ष्मण विराजमान हैं. सोमेश्वर महादेव मंदिर का जिक्र स्कंद पुराण में भी पाया जाता है. वहीं, सनातनियों का यह प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर अब समय के साथ नष्ट होते नजर आ रहा है. होली के पर्व की शुरुआत हो चुकी है और ब्रज के बाद काशी की होली की चर्चा पूरे विश्व में की जाती है. होली के मौके पर शिव की नगरी काशी में कई कार्यक्रम किए जाते हैं. यहां धूमधाम से होली का पर्व मनाया जाता है.

About the Author

authorimg

Parag Sharma

पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें



Source link

You May Have Missed