होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण, प्रेमानंद महाराज के अनुसार ग्रहण से पहले और बाद में जरूर कर
होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण, प्रेमानंदजी से जानें ग्रहण के दौरान क्या करें?
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Lunar Eclipse On Holi: चंद्र ग्रहण को अशुभ काल माना जाता है और इस काल में ईश्वर को स्पर्श तक नहीं किया जाता. इस साल होली के दिन ही चंद्र ग्रहण घटित होने जा रहा है, जिससे यह घटना और भी दुर्लभ और खास बन जाती है. लेकिन लोगों को सलाह दी जाती है कि इस समय विशेष सावधानी बरतें और चंद्र ग्रहण के दौरान होली खेलने से बचें. प्रेमानंद महाराज ने चंद्र ग्रहण से पहले और बाद में कुछ कार्य करने की सलाह दी है, जिससे सभी नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिल सके.
Chandra Grahan On Holi 2026: जैसा कि हम सभी जानते हैं कि चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 दिन मंगलवार को लगने वाला है और यह साल का पहला चंद्र ग्रहण होगा. इस दिन कुछ जगहों पर होलिका दहन भी किया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव अधिक होता है इसलिए लोगों को घरों में सुरक्षित रहने की सलाह भी दी जाती है. 3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में घटित हो रहा है. रंगों के त्योहार होली के दिन चंद्र ग्रहण का होना बेहद दुर्लभ और खास माना जा रहा है. वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने चंद्र ग्रहण में किन नियमों का पालन करना चाहिए और क्या सावधानी बरतनी चाहिए, इसके बारे में बताया है. आइए जानते हैं प्रेमानंद महाराज ने होली के दिन लग रहे चंद्र ग्रहण के बारे में क्या कहा…
प्रेमानंद महाराज ने नाम जप पर दिया जोर
महाराजजी ने कई बार नाम जप की शक्ति के बारे में बताया है क्योंकि उनके अनुसार, नाम जप ही एकमात्र उपाय है, जिससे हर बुरी शक्ति से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि ग्रहण का समय शुभ नहीं होता क्योंकि इस दौरान नकारात्मक ऊर्जा की शक्ति बहुत अधिक होती है, जो लोगों के लिए ठीक नहीं है. इसलिए इस समय लोगों को नाम जप में लगना चाहिए क्योंकि नाम जप उनके मन, भावनाओं और सोच को संतुलित करता है और शांति देता है. इससे सभी बुरी आत्माएं और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती हैं. नाम जप करने वाले व्यक्ति के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बन जाता है.
चंद्र ग्रहण से पहले की तैयारी
होली के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है इसलिए चंद्र ग्रहण के समय कुछ खास तैयारियां करना जरूरी होता है. ग्रहण से आधा घंटा पहले स्नान करना चाहिए, फिर किसी शांत जगह पर अपना आसन बिछाकर चुपचाप बैठ जाएं और नाम जप करें. अगर आपने गुरु मंत्र लिया है तो गुरु मंत्र का जप करें. इसके साथ ही आप किसी मंत्र, रामायण या श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ भी कर सकते हैं. अगर आप पहले से इस तरह की तैयारी कर लेते हैं तो कोई भी नकारात्मक ऊर्जा आपको प्रभावित नहीं कर पाएगी.
चंद्र ग्रहण के बाद शुद्धिकरण
चंद्र ग्रहण के बाद शरीर, मन और आत्मा की शुद्धि करना बहुत जरूरी है क्योंकि ग्रहण के दौरान शरीर और मन कमजोर और नकारात्मक ऊर्जा से भर जाते हैं. इसलिए ग्रहण के बाद कम से कम आधा घंटा नाम जप जरूर करें, फिर स्नान करें और उसके बाद ही अन्य कामों में लगें. इस बार चंद्र ग्रहण होलिका दहन के दिन लग रहा है, इसलिए और भी सतर्क रहना चाहिए और पूरी सावधानी बरतनी चाहिए. प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, यह समय आध्यात्मिक शुद्धि के लिए बहुत शक्तिशाली है, इसलिए इस दौरान नाम जप, गुरु मंत्र का जाप और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों में जरूर शामिल हों ताकि आप बुरी शक्तियों और नकारात्मकता से सुरक्षित रह सकें.
कब शुरू होगा चंद्र ग्रहण?
3 मार्च को लगने वाला ग्रहण भारतीय समय के अनुसार, दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. चंद्र ग्रहण की अवधि 3 घंटे 27 मिनट की होने वली है. भारत में यह ग्रहण केवल 20 मिनट के लिए देखा जा सकेगा.
चंद्र ग्रहण होगा ब्लड मून
3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण ब्लड मून होने वाला है. दरअसल जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तब वह गहरा लाल रंग का दिखाई देने लगता है. अगर आप इस अद्भुत दृश्य को देखना चाहते हैं, तो ऐसे स्थान का चयन करें, जहां आसमान साफ हो और रोशनी का प्रदूषण ना हो.
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पराग शर्मा एक अनुभवी धर्म एवं ज्योतिष पत्रकार हैं, जिन्हें भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेदनी ज्योतिष, वैदिक शास्त्रों और ज्योतिषीय विज्ञान पर गहन अध्ययन और लेखन का 12+ वर्षों का व्यावहारिक अनुभव ह…और पढ़ें


