Holi Kab Hai 2026 Date: होली कब है, 3 या 4 मार्च को? अभी है कन्फ्यूजन, तो ज्योतिषाचार्य से जानें सही तारीख और होलिका दहन मुहूर्त
होली कब, 3 या 4 मार्च? ज्योतिषाचार्य से जानें सही तारीख, होलिका दहन मुहूर्त
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Holi Kab Hai 2026 Date: भद्रा की वजह से होलिका दहन और होली की तारीख पर कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है. भद्रा 2 मार्च को शाम 05:55 बजे से लेकर 3 मार्च को सुबह 05:28 बजे तक है. ऐसी में होली का त्योहार 3 मार्च को है या 4 मार्च को? होलिका दहन का मुहूर्त क्या है? आइए जानते हैं केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जम्मू के ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी से.
होली कब, 3 या 4 मार्च? होलिका दहन मुहूर्त.
Holi Kab Hai 2026 Date: इस साल भद्रा की वजह से होली और होलिका दहन की तारीख पर कन्फ्यूजन की स्थिति बनी हुई है. किसी जगह पर लोग 3 मार्च को होली मनाने की बात कर रहे हैं तो कहीं पर 4 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी. ऐसे में अब सामान्य लोग यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि होली कब मनाई जाए? होली की सही तारीख क्या है? होलिका दहन का मुहूर्त क्या है? केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जम्मू के ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी से दूर करते हैं होली की तारीख और होलिका दहन पर बने कन्फ्यूजन को.
होलिका दहन 2026 तिथि और तारीख
हिंदू शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को प्रदोष काल यानि की सूर्यास्त के बाद भद्रा रहित शुभ मुहूर्त में करते हैं. भद्रा रहित मुहूर्त का अर्थ है कि सूर्यास्त के बाद भद्रा नहीं होनी चाहिए. यदि भद्रा होगी, तो होलिका दहन नहीं होगा. भद्रा के बाद किया जाएगा.
दृक पंचांग के आधार पर देखते हैं तो फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5:55 से शुरू होकर 3 मार्च को शाम 5:07 बजे खत्म हो रही है. अब 2 मार्च को भद्रा पूर्णिमा तिथि के साथ ही यानि शाम 05:55 बजे से लग जाएगी और 3 मार्च को सुबह में 05:28 ए एम तक रहेगी.
भद्रा की वजह से 2 मार्च को प्रदोष या रात्रि के समय में होलिका दहन नहीं हो पाएगा. इस वजह से होलिका दहन 3 मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में किया जाना सही है. भद्रा की पूंछ 3 मार्च को 01:25 ए एम से 02:35 ए एम तक है और भद्रा मुख 02:35 ए एम से 04:30 ए एम तक है.
- होलिका दहन मुहूर्त: 3 मार्च, मंगलवार, ब्रह्म मुहूर्त 05:05 ए एम से 05:55 ए एम के बीच.
सुकर्मा योग और मघा नक्षत्र में होलिका दहन
इस साल होलिका दहन पर सुकर्मा योग और मघा नक्षत्र का संयोग बना है. 3 मार्च को सुकर्मा योग सुबह में 10:25 बजे तक है, उसके बाद से धृति योग बनेगा. वहीं मघा नक्षत्र सुबह में 07:31 बजे तक है, फिर पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है.
3 मार्च की शाम क्यों न करें होलिका दहन?
3 मार्च को पूर्णिमा तिथि शाम को 5:07 बजे खत्म हो जा रही है और उसके बाद से चैत्र कृष्ण प्रतिपदा की शुरूआत होगी. 3 मार्च को प्रदोष काल प्रतिपदा तिथि का हो जाएगा क्योंकि सूर्यास्त का समय 06:22 पी एम है.
होली 2026 की तारीख
होलिका दहन के अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है. उस समय में चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि होती है. दृक पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 3 मार्च को शाम 05:07 बजे से शुरू होकर 4 मार्च को शाम 04:48 बजे तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 4 मार्च को है. इसलिए इस साल होली का त्योहार 4 मार्च बुधवार को मनाना शास्त्र सम्मत है.
- निष्कर्ष: ज्योतिषाचार्य डॉ. मृत्युञ्जय तिवारी के अनुसार 3 मार्च को होलिका दहन है और 4 मार्च को होली मनाई जाएगी. होलिका दहन का मुहूर्त भद्रा रहित पूर्णिमा तिथि में प्रात:काल 05:05 बजे से 05:55 के बीच है.
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कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. डिजि…और पढ़ें


