घर की चौखट पर बैठी लक्ष्मी: तुलसी के 1 पत्ते से बदल सकती है किस्मत! जानिए कैसे? 

घर की चौखट पर बैठी लक्ष्मी: तुलसी के 1 पत्ते से बदल सकती है किस्मत! जानिए कैसे? 

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पंडित प्रकाश जोशी बताते हैं कि वास्तु शास्त्र में तुलसी को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बताया गया है. मान्यता है कि घर के उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा रखने से शुभ फल मिलते हैं. नियमित रूप से जल अर्पित करने और दीपक जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है.

भारतीय परंपरा में तुलसी को बेहद पवित्र माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है. घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा होना शुभ संकेत माना जाता है. कहा जाता है कि जहां तुलसी की नियमित पूजा होती है, वहां सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है. नैनीताल निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार तुलसी केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और विश्वास का भी प्रतीक है, जो व्यक्ति के जीवन में संतुलन लाता है.

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पंडित प्रकाश जोशी बताते हैं कि वास्तु शास्त्र में तुलसी को सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बताया गया है. मान्यता है कि घर के उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा रखने से शुभ फल मिलते हैं. नियमित रूप से जल अर्पित करने और दीपक जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. ऐसा माना जाता है कि तुलसी वातावरण को शुद्ध करती है और घर में शांति का माहौल बनाती है.  जब व्यक्ति आस्था के साथ पूजा करता है, तो उसका मन स्थिर होता है और निर्णय क्षमता बेहतर बनती है.

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मान्यता है कि यदि धन टिक नहीं रहा हो तो सुबह स्नान के बाद तुलसी की पूजा कर एक ताजा पत्ता तोड़ें. इस पत्ते को लाल साफ कपड़े में लपेटकर पर्स या तिजोरी में रखने की परंपरा बताई जाती है. इसे मां लक्ष्मी का आशीर्वाद माना जाता है. कहा जाता है कि इससे अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण बनता है. हालांकि यह पूरी तरह आस्था पर आधारित उपाय है, लेकिन कई लोग इसे सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला मानते हैं.

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पंडित प्रकाश जोशी बताते हैं कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार और एकादशी के दिन तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए. शाम के समय भी पत्ते तोड़ना वर्जित माना गया है. सूखे या मुरझाए पत्ते का उपयोग पूजा में नहीं किया जाता. पहले तुलसी को जल अर्पित कर श्रद्धा से पत्ता तोड़ने की परंपरा है. इन नियमों का पालन आस्था और परंपरा का हिस्सा माना जाता है.

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कई लोग मानते हैं कि तुलसी का पत्ता पर्स में रखने से धन संबंधी परेशानियां कम हो सकती हैं. हालांकि विशेषज्ञ कहते हैं कि आर्थिक स्थिरता के लिए सही योजना और मेहनत जरूरी है. तुलसी पूजा से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है, जिससे वह बेहतर निर्णय ले पाता है. मानसिक शांति और सकारात्मक सोच आर्थिक सुधार में सहायक मानी जाती है.

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तुलसी के पौधे के आसपास समय बिताने से मन शांत होता है. आयुर्वेद में भी तुलसी के कई औषधीय गुण बताए गए हैं. जब व्यक्ति श्रद्धा के साथ कोई उपाय करता है, तो उसका मनोबल बढ़ता है. यही मनोबल उसे जीवन की चुनौतियों से लड़ने की शक्ति देता है. इस दृष्टि से तुलसी केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती का माध्यम भी है.

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तुलसी से जुड़ा यह उपाय पूरी तरह श्रद्धा और विश्वास पर आधारित है. इसे कोई चमत्कार नहीं बल्कि सकारात्मक सोच का प्रतीक माना जाना चाहिए. आर्थिक सफलता के लिए परिश्रम, योजना और अनुशासन जरूरी हैं. तुलसी पूजा व्यक्ति को मानसिक संतुलन और आत्मबल प्रदान कर सकती है. आस्था और कर्म के संतुलन से ही जीवन में वास्तविक समृद्धि आती है.

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