विपरीत परिस्थिति में कौन सा पाठ करना है लाभदायक, यहां जानें 8 बड़ी समस्याओं से जुड़े समाधान

विपरीत परिस्थिति में कौन सा पाठ करना है लाभदायक, यहां जानें 8 बड़ी समस्याओं से जुड़े समाधान

हाइलाइट्स

खुद को कमजोर महसूस करते हैं तो हनुमान चालीसा का पाठ करें. मन में अशांति रहती है तो शिवाष्टक का पाठ करें.

Path During Problems : धार्मिक मान्यता है कि, य​दि हम नियमित रूप से भगवान की भक्ति करते हैं या उनके नाम का स्मरण करते हैं तो हमारे जीवन में परेशानियां कम आती हैं. वहीं किसी भी प्रकार की सम्स्याओं को दूर रखने में भी मंत्र और जाप की बड़ी भूमिका होती है. इसके अलावा शास्त्रों में हर समस्या को दूर करने के लिए कुछ पाठ निर्धारित किए गए हैं. आइए जानते हैं किस विपरीत परिस्थिति या समय में आपको कौन सा पाठ करना चाहिए. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिष आचार्य पंडित योगेश चौरे.

1. हनुमान चालीसा का पाठ
यदि आप कभी भी खुद को कमजोर या शक्तिविहीन महसूस करते हैं तो इस समय में आपको हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. इससे आपको शक्ति मिलेगी.

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2. शिवाष्टक का पाठ
यदि आपके मन में अशांति रहती है और किसी काम में मन नहीं लगता तो ऐसे समय में आपको शिवाष्टक का पाठ करना बेहद लाभदायक रहेगा.

3. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ
यदि आपके लगातार अच्छे कार्यों के बावजूद समाज में प्रति​ष्ठा नहीं मिल रही है तो ऐसे में आप आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें.

4. गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ
घरों में आपसी मतभेद सदस्यों बीच होना आमबात है लेकिन, अधिक क्लेश हो तो गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करना लाभप्रद माना गया है.

5. गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ
यदि विवाहित हैं और संतान प्राप्ति की चाहत पूरी नहीं हो रही है तो आप इस समयस्या को दूर करने के लिए गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करें.

6. कनकधारा स्तोत्र का पाठ
यदि आप नौकरीपेशा या कारोबारी हैं और काम अच्छा होने के बावजूद घर में धन की समस्या हो तो कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें.

7. विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ
आप कोई कार्य करना चाहते हैं, लेकिन उसमें लगातार अवरोध उत्पन्न हो रहा है और आपके काम में रास्ता नहीं निकल रहा हो तो विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का पाठ करें.

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8. दुर्गा सप्तशति का पाठ
कई बार घरों में देखने में आता है कि परिवार के सदस्य किसी ना किसी प्रकार से बीमार रहते हैं तो ऐसे में आप दुर्गा सप्तशति का पाठ करें.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion

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