करियर और पैसा अचानक रुक गया? ये संकेत बताते हैं कि कुंडली का कौन सा ग्रह हो गया है श्रापित

करियर और पैसा अचानक रुक गया? ये संकेत बताते हैं कि कुंडली का कौन सा ग्रह हो गया है श्रापित

Mercury Planet Weakness: कभी-कभी जिंदगी एकदम पटरी से उतरती हुई लगती है-काम में लगातार गड़बड़, पैसे अटकना, छोटी-छोटी बातों पर गलत फैसले और स्वास्थ्य भी साथ न देना. लोग इसे किस्मत या समय का खेल मानते हैं, लेकिन ज्योतिष मानने वालों के लिए यह अक्सर एक खास ग्रह से जुड़ा संकेत होता है. कहा जाता है कि जब कुंडली का बुध बिगड़ता है तो सबसे पहले सोचने-समझने की ताकत डगमगाती है, फिर उसी के साथ करियर, आर्थिक स्थिति और रिश्ते भी प्रभावित होने लगते हैं. खास बात यह कि कई लोग इन बदलावों को पहचान ही नहीं पाते और समस्या गहराती जाती है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

बुध क्यों माना जाता है जीवन का ‘मैनेजर’ ग्रह
ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, गणितीय क्षमता, व्यापारिक समझ और निर्णय शक्ति का प्रतीक माना जाता है. सरल शब्दों में कहें तो यह वह ग्रह है जो इंसान को सोचने, बोलने और सही समय पर सही कदम उठाने की क्षमता देता है. जिन लोगों की कुंडली में बुध मजबूत होता है, वे अक्सर तेज दिमाग, स्पष्ट बातचीत और अवसर पहचानने की कला के लिए जाने जाते हैं, लेकिन जब यही बुध कमजोर पड़ता है, तो व्यक्ति की सोच उलझने लगती है. निर्णय लेने में देरी, गलत अनुमान और संवाद में भ्रम बढ़ जाता है. यही कारण है कि ज्योतिष में बुध को जीवन का “मैनेजर” कहा जाता है-यह बिगड़ा तो पूरी व्यवस्था लड़खड़ा सकती है.

बुध कमजोर हो तो दिखने लगते हैं ये संकेत
1. निर्णय लगातार गलत होना
अगर कोई व्यक्ति अचानक गलत फैसलों की श्रृंखला में फंस जाए-जैसे निवेश गलत जगह, नौकरी का गलत चयन या भरोसे का गलत आकलन-तो इसे बुध की कमजोरी से जोड़ा जाता है. अक्सर ऐसे लोग कहते हैं, “समझ नहीं आ रहा क्यों बार-बार गलती हो रही है.”

2. संवाद में गड़बड़ी और विवाद
कमजोर बुध का सबसे सीधा असर बोलचाल पर पड़ता है. बात ठीक कहना चाहें तो उल्टा निकल जाता है, सामने वाला गलत समझ लेता है, या बात-बात पर बहस होने लगती है. परिवार और ऑफिस दोनों जगह रिश्तों में खटास बढ़ने लगती है.

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3. करियर में रुकावट और अस्थिरता
ज्योतिष के अनुसार बुध व्यापार और कौशल का ग्रह है. इसकी कमजोरी से व्यक्ति का पेशेवर संतुलन बिगड़ता है. प्रमोशन रुकना, अवसर छूटना या काम में बार-बार बदलाव-ये सभी संकेत माने जाते हैं.

4. पैसों का हिसाब गड़बड़ होना
जब बुध कमजोर होता है तो गणना और वित्तीय समझ भी प्रभावित मानी जाती है. लोग बिना सोचे खर्च करने लगते हैं, दस्तावेजों में गलती करते हैं या निवेश में नुकसान उठाते हैं. अकाउंटिंग, बैंकिंग या बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए यह असर ज्यादा दिखता है.

स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर भी असर
1. पाचन और त्वचा से जुड़ी दिक्कतें
ज्योतिष में बुध को शरीर की नसों, त्वचा और पाचन से जोड़ा जाता है. कमजोर होने पर गैस, अपच, त्वचा रोग या एलर्जी जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं.

2. चिड़चिड़ापन और मानसिक भ्रम
ऐसे लोग अक्सर बेचैन रहते हैं, छोटी बात पर परेशान हो जाते हैं और ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते. पढ़ाई या सीखने में भी बाधा महसूस होती है. कई बार आसपास के लोग इसे आलस्य समझ लेते हैं, जबकि ज्योतिषी इसे बुध दोष का संकेत मानते हैं.

3. रिश्तों और सामाजिक छवि पर प्रभाव
बुध वाणी और तर्क का ग्रह है, इसलिए इसकी कमजोरी संवाद में दूरी पैदा करती है. दोस्ती टूटना, परिवार में गलतफहमी या दांपत्य में विवाद बढ़ना-ये सब बुध के असंतुलन से जोड़े जाते हैं. व्यक्ति सामाजिक रूप से भी असहज महसूस करने लगता है, जिससे आत्मविश्वास और गिरता है.

बुध को संतुलित करने के पारंपरिक उपाय
1. बुधवार से जुड़े आध्यात्मिक अभ्यास
मान्यता है कि बुधवार को गणेश पूजा करने से बुध का प्रभाव संतुलित होता है. दूर्वा चढ़ाना, मोदक का भोग लगाना और गणेश मंत्र जपना शुभ माना जाता है.

2. तुलसी से जुड़ी परंपराएं
घर में तुलसी का पौधा लगाना और उसकी नियमित सेवा करना सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला उपाय माना जाता है. कई ज्योतिषी इसे बुध को शांत करने का सरल तरीका बताते हैं.

3. जीवनशैली में छोटे बदलाव
ज्योतिष विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि बुध कमजोर लगे तो बोलने से पहले सोचने की आदत डालें, वित्तीय निर्णय जल्दबाजी में न लें और मानसिक एकाग्रता के अभ्यास करें. ये व्यवहारिक कदम भी ग्रह के असर को संतुलित करने में सहायक माने जाते हैं.

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुंडली में बुध का असंतुलन व्यक्ति की सोच, संवाद, करियर और आर्थिक स्थिति तक असर डाल सकता है. हालांकि जीवन में बदलाव केवल ग्रहों से नहीं, परिस्थितियों और निर्णयों से भी आते हैं. फिर भी जो लोग ज्योतिष पर विश्वास रखते हैं, उनके लिए बुध के संकेत पहचानना और संतुलन के उपाय अपनाना मानसिक स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक तरीका बन सकता है.

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