Mahashivratri 2026: शिवरात्रि की रात सावधान! इन 5 चूकों से अधूरी रह सकती है आपकी भक्ति, इन बातों का रखें खास ध्यान

Mahashivratri 2026: शिवरात्रि की रात सावधान! इन 5 चूकों से अधूरी रह सकती है आपकी भक्ति, इन बातों का रखें खास ध्यान

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि आते ही मंदिरों में घंटियों की गूंज बढ़ जाती है, घरों में बेलपत्र सजे दिखते हैं और माहौल में एक अलग सी श्रद्धा घुल जाती है. यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आस्था और आत्मसंयम की परीक्षा भी है. कई लोग पूरे साल इस दिन का इंतजार करते हैं-व्रत रखते हैं, रुद्राभिषेक करते हैं, रातभर जागरण करते हैं. मान्यता है कि सच्चे मन से की गई शिव भक्ति जीवन की परेशानियां हल्की कर देती है, लेकिन अक्सर श्रद्धा में छोटी-छोटी चूकें भी हो जाती हैं, जिनका असर पूजा के फल पर पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि इस पावन दिन कुछ बातों का खास ध्यान रखा जाए, ताकि भक्ति में कोई कमी न रह जाए.

तामसिक भोजन और नशे से बनाएं दूरी
महाशिवरात्रि का दिन शरीर और मन की साफ-सफाई से जुड़ा है. ऐसे में मांस, मछली, अंडा या शराब का सेवन करना परंपरा के खिलाफ माना जाता है. कई लोग व्रत रखते हुए भी शाम को चाय के साथ सिगरेट पी लेते हैं या हल्का नशा कर लेते हैं, लेकिन यह दिन संयम का है.

क्या खाएं, क्या नहीं?
फल, दूध, दही, साबूदाना, कुट्टू या सिंहाड़े के आटे से बने पकवान को प्राथमिकता दें. लहसुन-प्याज से भी परहेज करना बेहतर माना जाता है. सात्विक भोजन से मन शांत रहता है और पूजा में ध्यान भटकता नहीं.

देर तक सोना और आलस करना
यह रात खास मानी जाती है. कहा जाता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसलिए कई लोग पूरी रात भजन-कीर्तन या शिव नाम का जाप करते हैं.

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ब्रह्म मुहूर्त का महत्व
सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और साफ कपड़े पहनकर पूजा करना शुभ माना जाता है. दिनभर आलस में समय बिताना या ज्यादा सोना इस दिन की भावना के अनुरूप नहीं समझा जाता. भक्ति का मतलब सिर्फ व्रत नहीं, बल्कि सजगता भी है.

गुस्सा और विवाद से रहें दूर
त्योहारों के दिन घरों में काम बढ़ जाता है. कभी प्रसाद बनाने को लेकर बहस, तो कभी मंदिर जाने की तैयारी में तनाव-ऐसी छोटी बातें माहौल बिगाड़ सकती हैं. महाशिवरात्रि शांति और धैर्य का संदेश देती है. इस दिन किसी से झगड़ा करना, अपशब्द बोलना या मन में कटुता रखना ठीक नहीं माना जाता, अगर किसी से अनबन हो भी जाए, तो कोशिश करें कि दिन खत्म होने से पहले मन साफ कर लें. यही सच्ची पूजा है.

शिवलिंग पर गलत सामग्री अर्पित करना
भक्ति में भाव सबसे जरूरी है, लेकिन परंपराओं की जानकारी भी उतनी ही अहम है. कई बार लोग अनजाने में शिवलिंग पर हल्दी या सिंदूर चढ़ा देते हैं, जबकि यह सही नहीं माना जाता.

क्या चढ़ाएं?
शिवलिंग पर शुद्ध जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद, बेलपत्र, धतूरा, भांग और सफेद फूल अर्पित किए जाते हैं. तुलसी दल और केतकी का फूल अर्पित करने से बचना चाहिए. बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि वह तीन पत्तियों वाला और साफ हो.

व्रत को औपचारिकता न बनाएं
आजकल सोशल मीडिया पर लोग व्रत और पूजा की तस्वीरें साझा करते हैं. इसमें कोई बुराई नहीं, लेकिन व्रत दिखावे के लिए नहीं होता. अगर आपने उपवास रखा है तो नियमों का पालन पूरे मन से करें. बार-बार कुछ न कुछ खाते रहना, झूठ बोलना या दूसरों को नीचा दिखाना-ये सब व्रत की भावना को कमजोर करते हैं. व्रत का मकसद खुद पर काबू पाना है. दिनभर भगवान शिव का स्मरण करें और जरूरतमंदों की मदद करें.

महाशिवरात्रि सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने का मौका भी है. इस दिन की गई छोटी सावधानियां आपकी भक्ति को और पवित्र बना सकती हैं. श्रद्धा के साथ-साथ सही जानकारी भी उतनी ही जरूरी है. अगर इन पांच बातों का ध्यान रखा जाए, तो यह महाशिवरात्रि सच में खास बन सकती है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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