14 फरवरी 2026 को जन्मे बच्चों की कुंडली में बन रहे खास योग, जानें भविष्य पर असर
अयोध्या: व्यक्ति के जीवन पर ग्रह नक्षत्र की स्थिति का विशेष प्रभाव होता है इसी के आधार पर व्यक्ति के भविष्य और कुंडली का आकलन किया जाता है. प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र और राशि में परिवर्तन होता है जिसका प्रभाव मानव जीवन के साथ जन्म लेने वाले बच्चों पर भी पड़ता है. आज 14 फरवरी है और आज के दिन जन्म लेने वाले बच्चों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, ग्रह नक्षत्र की कैसी स्थिति रहेगी, नामकरण का क्या अक्षर होगा, इन तमाम सवालों का जवाब आज हम आपको इस रिपोर्ट में विस्तार से बताते हैं तो चलिए जानते हैं.
14 फरवरी 2026 दिन जन्म लेने वाले बच्चों की कुंडली
अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जन्म के समय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है. 14 फरवरी 2026 दिन शनिवार को जन्म लेने वाले बच्चों की कुंडली में कई विशेष योग बन रहे हैं जो उनके व्यक्तित्व, स्वभाव और भविष्य की दिशा को प्रभावित करेंगे.
उत्साही, जिज्ञासु और लक्ष्य के प्रति समर्पित
इस दिन चंद्रमा धनु राशि में विराजमान रहेगा. धनु राशि को ज्ञान, साहस, स्वतंत्रता और उच्च आदर्शों की राशि माना जाता है.इस राशि में जन्मे बच्चे स्वभाव से उत्साही, जिज्ञासु और लक्ष्य के प्रति समर्पित होते हैं. ये बच्चे नई-नई चीजें सीखने में रुचि रखते हैं और जीवन में बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं.
कैसा होता है स्वभाव
नक्षत्र की बात करें, तो दिन में शाम 6:17 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र रहेगा, इसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र आरंभ होगा. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चे आत्मविश्वासी, संघर्षशील और नेतृत्व क्षमता से युक्त होते हैं. ये जीवन में कठिन परिस्थितियों से डरते नहीं, बल्कि उनका डटकर सामना करते हैं. वहीं उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में जन्मे बच्चे अनुशासनप्रिय, जिम्मेदार और स्थिर सोच वाले होते हैं. इनमें समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा पाने की प्रबल इच्छा होती है..
तिथि के अनुसार इस दिन कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि शाम 4:02 बजे तक रहेगी. द्वादशी तिथि को विवेक, संतुलन और मानसिक परिपक्वता का प्रतीक माना जाता है. ऐसे बच्चे कम उम्र में ही समझदारी दिखाने लगते हैं.
योग की स्थिति भी विशेष है. इस दिन सिद्धि योग रात 3:18 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ योग माना जाता है. सिद्धि योग में जन्मे बच्चों के कार्यों में सफलता के योग प्रबल रहते हैं और जीवन में बाधाएं अपेक्षाकृत कम आती हैं.
करण के रूप में इस दिन तैतिल करण शाम 3:58 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है.
नामकरण के लिए शुभ अक्षर
पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र: भू, धा, फा, ढा
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र: भे, भो, जा, जी
इन अक्षरों से रखे गए नाम बच्चों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभता का संचार करते हैं.


