क्या आपकी हथेली में है मजबूत गुरु पर्वत? करियर ग्रोथ और उन्नति के संकेत खुद बताएगा हाथ, जानिए कैसे मिलते हैं ऊंचे पद के संकेत
Jupiter Mount Palmistry: कभी आपने गौर किया है कि कुछ लोग जहां भी जाते हैं, धीरे-धीरे आगे बढ़ते ही चले जाते हैं? पढ़ाई हो, नौकरी हो या लोगों में सम्मान-जैसे किस्मत उनका साथ देती हो. हस्तरेखा शास्त्र मानता है कि इसके पीछे सिर्फ मेहनत नहीं, हथेली के संकेत भी काम करते हैं. खासकर तर्जनी उंगली के नीचे मौजूद गुरु पर्वत को तरक्की, नेतृत्व और सम्मान से जोड़कर देखा जाता है. पुराने समय से ज्योतिष और हस्तरेखा पढ़ने वाले लोग इस हिस्से को ध्यान से देखते आए हैं. कहा जाता है कि यहां की बनावट इंसान की सोच, आत्मविश्वास, फैसले लेने की ताकत और जीवन में मिलने वाले मौके तक का इशारा दे सकती है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
क्या होता है गुरु पर्वत और क्यों है खास?
हथेली में हर उंगली के नीचे एक खास क्षेत्र माना जाता है. तर्जनी उंगली के नीचे का उभरा हिस्सा ही गुरु पर्वत कहलाता है. इसे ज्ञान, नेतृत्व, शिक्षा, सम्मान और अधिकार से जोड़ा जाता है. जिन लोगों की हथेली में यह हिस्सा साफ और संतुलित उभरा दिखता है, वे अक्सर जिम्मेदारी उठाने से नहीं डरते. स्कूल में ऐसे बच्चे मॉनिटर बनते दिख जाते हैं, ऑफिस में वही टीम लीड बनते हैं.
गुरु पर्वत उभरा हो तो क्या संकेत मिलते हैं?
अगर यह हिस्सा मजबूत और गोलाई लिए हुए है, तो माना जाता है कि व्यक्ति में आत्मविश्वास भरपूर होता है. ऐसे लोग अपने फैसलों पर टिके रहते हैं. समाज में इन्हें इज्जत मिलती है. कई बार ये लोग प्रशासन, कानून, शिक्षा या मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में ऊंचे पद तक पहुंचते हैं. आपने देखा होगा, कुछ लोग बिना शोर मचाए लगातार आगे बढ़ते हैं-ऐसे लोगों की हथेली में अक्सर गुरु पर्वत अच्छा माना जाता है.
कम विकसित गुरु पर्वत क्या बताता है?
हर उभरा हिस्सा अच्छा ही हो, ऐसा जरूरी नहीं. अगर गुरु पर्वत दबा हुआ या सपाट लगे, तो व्यक्ति को आत्मविश्वास जुटाने में समय लग सकता है. ऐसे लोग दिल के साफ और मदद करने वाले होते हैं, लेकिन खुद को आगे रखने में झिझकते हैं. ऑफिस में काम बढ़िया करते हैं, पर प्रमोशन की बात आते ही पीछे हट जाते हैं.
फिर भी इनमें खासियत कम नहीं
ये लोग भरोसेमंद होते हैं. परिवार और दोस्तों के लिए हमेशा खड़े रहते हैं. सम्मान इनके लिए पैसे से ज्यादा मायने रखता है. कई बार कला, लेखन, सोशल वर्क या टीचिंग जैसे कामों में ये अच्छा नाम कमाते हैं, जहां संवेदनशीलता की जरूरत होती है.
गुरु पर्वत का झुकाव भी देता है संकेत
अगर यह हिस्सा शनि पर्वत की ओर झुका दिखे, तो व्यक्ति सोचने-समझने वाला होता है, पर कई बार ज्यादा चिंता भी कर लेता है. ऐसे लोग मेहनती तो होते हैं, लेकिन खुद को लेकर असंतोष पाल लेते हैं. करियर में रुकावटें महसूस हो सकती हैं, फिर भी धैर्य से आगे बढ़ें तो अच्छी उपलब्धि मिल सकती है.
नीचे खिसका गुरु पर्वत
जब यह क्षेत्र नीचे की ओर फैला लगे, तो कभी-कभी सम्मान को लेकर उतार-चढ़ाव आते हैं. पर ऐसे लोग लिखने, पढ़ाने या रिसर्च जैसे कामों में चमक सकते हैं. यानी रास्ता अलग हो सकता है, पर सफलता मिल सकती है.
संतुलित गुरु पर्वत और खुशहाल जीवन
हथेली में संतुलित और मध्यम उभरा गुरु पर्वत सबसे अच्छा माना जाता है. ऐसे लोग न ज्यादा अहंकारी होते हैं, न ही खुद को कम आंकते हैं. करियर में steady ग्रोथ, परिवार में संतुलन और रिश्तों में सम्मान-ये सब साथ चलते हैं. अक्सर इनका वैवाहिक जीवन भी स्थिर माना जाता है क्योंकि ये जिम्मेदारी निभाना जानते हैं.
हस्तरेखा को पूरी किस्मत मान लेना सही नहीं, पर इसे एक संकेत की तरह देखा जा सकता है. गुरु पर्वत अगर मजबूत है, तो मेहनत के साथ मौके भी मिल सकते हैं. और अगर कम विकसित है, तो खुद पर भरोसा बढ़ाना ही असली उपाय है.


