Aaj Ka Tula Rashi: दिन शुभ, लेकिन शाम को संभलकर बोलें, वरना बढ़ सकता है तनाव
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Aaj Ka Tula Rashifal 18 January 2026 : तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन वाणी को विराम देने और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने का है. आज मौनी अमावस्या है, जिसे साल की सबसे महत्वपूर्ण अमावस्याओं में से एक माना जाता है. इस दिन का प्रभाव आपके मन, विचारों और पारिवारिक वातावरण पर विशेष रूप से पड़ने वाला है.
Aaj Ka Tula Rashifal. तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन वाणी को विराम देने और अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने का है. आज मौनी अमावस्या है, जिसे साल की सबसे महत्वपूर्ण अमावस्याओं में से एक माना जाता है. इस दिन का प्रभाव आपके मन, विचारों और पारिवारिक वातावरण पर विशेष रूप से पड़ने वाला है.आज ग्रहों की स्थिति दो भागों में बंटी हुई है, इसलिए दिन और शाम का प्रभाव अलग-अलग रहेगा.
अजमेर के प्रसिद्ध ज्योतिष हिमांशु दाधीच के अनुसार शाम 4:40 बजे तक चंद्रमा आपके तीसरे भाव में धनु राशि में विराजमान रहेंगे. इस दौरान आपका आत्मविश्वास और पराक्रम मजबूत रहेगा. भाई-बहनों का सहयोग प्राप्त होगा और छोटी यात्राएं लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं. यदि कोई जरूरी मीटिंग, इंटरव्यू या व्यापारिक डील लंबित है, तो उसे शाम 4:40 बजे से पहले निपटा लेना समझदारी भरा कदम होगा.
आज संयम और धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी
लेकिन शाम 4:40 बजे के बाद चंद्रमा आपके चौथे भाव यानी मकर राशि में प्रवेश करेंगे. यहां पहले से ही सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र विराजमान हैं, जिससे पंचग्रह योग का निर्माण हो रहा है. चौथा भाव सुख, शांति और माता से संबंधित होता है, लेकिन अग्नि तत्व के प्रभाव के कारण घर का माहौल शाम होते-होते थोड़ा तनावपूर्ण हो सकता है. किसी पुरानी बात को लेकर बहस या मतभेद उभर सकते हैं, इसलिए संयम और धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी होगा.
आज शांत रहने की कोशिश करें
लव लाइफ की बात करें तो आज आपका सबसे बड़ा हथियार मौन रहेगा. पार्टनर के साथ बहस करने की बजाय शांत रहकर उनकी बात सुनना रिश्ते को मजबूत करेगा. यह अमावस्या आपके संबंधों से नकारात्मकता दूर करने का एक अच्छा अवसर भी लेकर आई है.
तुला राशि के लिए आज का महाउपाय
आज रविवार और मौनी अमावस्या होने के कारण पितरों और सूर्य देव को प्रसन्न करने का श्रेष्ठ दिन है. पहला उपाय, यदि संभव हो तो एक घंटे का मौन व्रत रखें, इससे मानसिक तनाव कम होगा. दूसरा उपाय, सूर्य देव को जल अर्पित करते समय जल में काले तिल और गुड़ मिलाएं. इसके बाद पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाकर पितरों का स्मरण करें. यह उपाय घर के वास्तु दोष और पारिवारिक कलह को शांत करेंगे.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें
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