पीएम मोदी ने मनाया पोंगल, कैसे एक क्षेत्रीय पर्व बना ग्लोबल त्योहार, जानिए पोंगल का महत्व, पूजा विधि और गोसेवा का संदेश
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Significance of Pongal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल को ग्लोबल त्योहार बताते हुए तमिल संस्कृति की अहमियत पर बात की. पीएम मोदी ने कहा कि पोंगल धरती, सूर्य और अन्नदाता के प्रति कृतज्ञता का पर्व है. इस अवसर पर उन्होंने गौसेवा के महत्व को भी रेखांकित किया. पोंगल में भगवान सूर्य की पूजा होती है और प्रकृति के साथ संतुलन का संदेश मिलता है.
Pongal Festival: पोंगल सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि मेहनत, कृतज्ञता और प्रकृति से जुड़ाव का उत्सव है. यह पर्व हमें याद दिलाता है कि हमारी जिंदगी खेतों, किसानों और सूरज की रोशनी से कितनी गहराई से जुड़ी हुई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोंगल के मौके पर इसे एक ग्लोबल फेस्टिवल बताते हुए कहा कि आज यह त्योहार सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरी दुनिया में तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग इसे पूरे उत्साह के साथ मना रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि वह खुद भी इस परंपरा का हिस्सा हैं और इस खास पर्व को लोगों के साथ मनाना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है. उनका कहना था कि पोंगल हमारे रोजमर्रा के जीवन से जुड़ा एक सुखद अनुभव है, जो हमें अन्नदाता, धरती और सूर्य के प्रति आभार जताने का अवसर देता है.
पीएम मोदी का पोंगल पर संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि पोंगल हमें यह सिखाता है कि जीवन में संतुलन कितना जरूरी है. यह त्योहार प्रकृति, परिवार और समाज के बीच तालमेल बनाने का रास्ता दिखाता है. जिस समय देश के अलग अलग हिस्सों में लोहडी, मकर संक्रांति और माघ बिहू जैसे पर्व मनाए जा रहे हैं, उसी समय पोंगल भी राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक बनकर सामने आता है.
कैसे ग्लोबल पर्व बना पोंगल
आज पोंगल सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं रहा. भारत के अलग अलग राज्यों के साथ साथ विदेशों में बसे तमिल समुदाय भी इसे पूरी आस्था के साथ मनाते हैं. यही वजह है कि पीएम मोदी ने इसे ग्लोबल त्योहार कहा. यह पर्व अब दुनिया को भारतीय संस्कृति की जडों और परंपराओं से जोडने का माध्यम बन चुका है.
पोंगल में गौसेवा का महत्व
पोंगल पर्व में गौसेवा की खास भूमिका होती है. खेती आधारित समाज में गाय और बैल को जीवन का आधार माना जाता है. गाय दूध देती है और बैल खेती के काम में मदद करते हैं. पोंगल के दौरान मवेशियों को सजाया जाता है, उनकी पूजा की जाती है और उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया जाता है. पीएम मोदी ने गौसेवा को सिर्फ सेवा नहीं, बल्कि प्रकृति और जीवन चक्र के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया.
किस भगवान की पूजा होती है
पोंगल में भगवान सूर्य की पूजा की जाती है. सूर्य को ऊर्जा, जीवन और फसल का आधार माना जाता है. सूर्य के बिना खेती और जीवन दोनों असंभव हैं. इस दिन मिट्टी के नए बर्तन में दूध, चावल और गुड से पोंगल बनाया जाता है. दूध का उफनना समृद्धि और खुशहाली का संकेत माना जाता है.
Pongal celebrates the vibrant Tamil culture and our bond with nature. May the festival bring prosperity and happiness to everyone’s life. Addressing a programme in Delhi.
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