खरमास में सोना-चांदी खरीदने को लेकर शास्त्रों में क्या लिखा है? जानें यह शुभ है या अशुभ? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे गलती
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Kharmas 2026: जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशि धनु और मीन में गोचर करते हैं, तब उस अवधि को खरमास कहा जाता है. इस काल में शादी, नामकरण आदि शुभ व मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है लेकिन धार्मिक-आध्यात्मिक साधना आदि धर्म-कर्म के कार्यों का महत्व बढ़ जाता है. लेकिन अक्सर मन में एक सवाल बना रहता है कि क्या खरमास में सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है. आइए जानते हैं…
Kharmas 2026: हिंदू धर्म में खरमास का विशेष महत्व है और यह काल सामान्यतः अशुभ कर्मों के लिए निषिद्ध और धार्मिक-आध्यात्मिक साधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है. खरमास के दौरान ज्योतिष शास्त्र में सूर्य कमजोर स्थिति में माना जाता है. वैसे तो खरमास में शादी, नामकरण, यज्ञ-हवन, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक है, लेकिन सवाल यह अक्सर आता है कि खरमास में सोना-चांदी खरीदना शुभ है या अशुभ. अगर आप भी इस बारे में उलझन में हैं तो इसे ऐसे समझिए.

ज्योतिष के अनुसार, सोना सूर्य का प्रतीक है और चांदी चंद्रमा का. सूर्य और चंद्रमा दोनों ही हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं. सूर्य ऊर्जा, शक्ति और वैवाहिक जीवन का सूचक है, जबकि चंद्रमा मन, भावनाओं और शांति का प्रतीक माना जाता है. खरमास के दौरान सूर्य की गति धीमी हो जाती है और ग्रहों की स्थिति थोड़ी कमजोर हो जाती है. ऐसे में अगर आप सोना या चांदी खरीदते हैं तो यह माना जाता है कि यह ग्रहों की कमजोर स्थिति को और बढ़ा सकता है.

इसका मतलब यह नहीं कि खरमास में खरीदारी पूरी तरह से बंद करनी चाहिए. बात सिर्फ महंगी धातुओं की है. कपड़ों और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें खरमास में खरीद सकते हैं. सिर्फ इतना ध्यान रखना है कि कपड़े पूजा-पाठ या धार्मिक कामों के लिए इस्तेमाल में आएं. ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
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अगर आप विवाह या शादी के लिए कपड़े खरीद रहे हैं तो थोड़ा सावधान रहें. कुंडली में सूर्य का कमजोर होना वैवाहिक जीवन की ऊर्जा पर असर डाल सकता है, इसलिए ज्योतिष के अनुसार शादी के कपड़े खरमास में खरीदना शुभ नहीं माना जाता.

असल में खरमास को घर और परिवार की खुशहाली बढ़ाने का समय माना जाता है. पूजा, धार्मिक कार्य, नए वस्त्र और कुछ जरूरी घरेलू सामान ये सब ठीक हैं, लेकिन सोना और चांदी जैसी महंगी धातुएं इस समय खरीदना नुकसानदायक हो सकता है. खरमास कोई डरने वाला समय नहीं है. बस सही चीजों का चुनाव करना जरूरी है. इस दौरान पूजा-पाठ जैसी चीजों पर अधिक ध्यान दें. इससे मन भी शांत रहेगा.

पुराणों के अनुसार, सूर्य का रथ सात घोड़ों से चलता है, खरमास में एक समय ऐसा आता है जब घोड़े थक जाते हैं. तब खर (गधा) रथ खींचता है, इसी कारण इसे खरमास कहा गया है अर्थात गति मंद, शक्ति क्षीण. साल में दो बार खरमास आता है, जब सूर्य गुरु ग्रह की राशि धनु राशि में प्रवेश करते हैं लगभग 15 दिसंबर से 14 जनवरी. दूसरा खरमास सूर्य जब गुरु ग्रह की दूसरी राशि मीन में प्रवेश करते हैं, लगभग लगभग 15 मार्च से 13 अप्रैल के बीच.


