बहुत ज्यादा अपशब्द बोलते हैं आप? कुंडली में कमजोर होगा ये ग्रह, जानें कैसे आपकी सोच, बोलचाल और याददाश्त को करता है प्रभावित
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Mercury In Astrology: बुध हमारे जीवन में सोच, बोलचाल और याददाश्त का संकेतक है. मजबूत बुध से व्यक्ति समझदार, तेज और संतुलित बनता है, जबकि कमजोर बुध गुस्सा, अस्थिरता और भूलने की आदत ला सकता है. ध्यान और सही आदतों से इसे मजबूत किया जा सकता है.
Mercury In Astrology: हम सभी ने कभी न कभी ऐसे लोगों को देखा होगा जो छोटी-सी बात पर गुस्सा हो जाते हैं या जिनकी बातें सुनकर लगता है कि उनकी सोच बहुत तेज़ है. क्या आपने गौर किया है कि ऐसे लोगों में बुध की स्थिति का बड़ा हाथ होता है? वास्तु और ज्योतिष के अनुसार बुध हमारे जीवन में सोच, समझ और बोलने-समझाने की क्षमता को नियंत्रित करता है, अगर बुध मजबूत होता है तो व्यक्ति निर्णय लेने में तेज़, याददाश्त में अच्छी और विचारशील होता है. वहीं अगर बुध कमजोर हो तो व्यक्ति भावनात्मक रूप से अस्थिर, जल्दी गुस्सा होने वाला और कभी-कभी समझदारी में कमजोर नजर आता है. यह सिर्फ व्यावसायिक या सामाजिक जीवन में ही नहीं, बल्कि परिवार और बच्चों के भविष्य में भी असर डालता है. यही कारण है कि ज्योतिष में बुध को इतनी अहमियत दी जाती है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
बुध खराब होने के संकेत और असर
1. संचार में मुश्किलें
जब बुध कमजोर होता है, तो व्यक्ति अपनी बात को सही ढंग से व्यक्त नहीं कर पाता. अकसर गुस्से में आकर बोल देता है या छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगता है. इसके उलट, मजबूत बुध वाला व्यक्ति अपनी भावनाओं को सहजता से संभाल सकता है और दूसरों के साथ समझदारी से बात कर पाता है.
2. याददाश्त और सीखने की क्षमता
बुध का संबंध दिमाग और याददाश्त से भी है. कमजोर बुध वाला व्यक्ति अक्सर पुरानी बातें याद रखता है या छोटी-छोटी चीज़ें भूल जाता है. वहीं मजबूत बुध वाला व्यक्ति आसानी से नई जानकारी सीख सकता है और चीज़ों को लंबे समय तक याद रख सकता है.
3. संतान और पारिवारिक जीवन पर असर
ज्योतिष में माना जाता है कि कमजोर बुध से संतान सुख में बाधा आती है. परिवार में आपसी समझ और बच्चों के विकास पर भी इसका असर पड़ता है. बेटों और बेटियों को यह समझना चाहिए कि परिवार और समाज में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है.

4. सड़क और समाज में व्यवहार
बुध सिर्फ घर या दफ्तर तक सीमित नहीं है. यह आपके बाहर के व्यवहार और समाज में आपकी सोच को भी प्रभावित करता है. उदाहरण के लिए, आपकी बहन या लड़की के प्रति सम्मान की भावना, दूसरों के साथ व्यवहार, इन सब पर भी बुध का असर पड़ता है.

5. बुध को मजबूत करने के उपाय
-सोच समझकर निर्णय लें और जल्दबाजी से बचें.
-अपने ज्ञान को बढ़ाने के लिए पढ़ाई और सीखने की आदत अपनाएं.
-बच्चों को भी यह सिखाएं कि दूसरों का सम्मान करना जरूरी है.
-गुस्से पर नियंत्रण रखें और भावनाओं को शांत रखें.
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मीडिया की दुनिया में मेरा सफर एक रेडियो जॉकी के रूप में शुरू हुआ था, जहां शब्दों की ताकत से श्रोताओं के दिलों तक पहुंच बनाना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि रही. माइक के पीछे की यह जादुई दुनिया ही थी जिसने मुझे इलेक्ट्र…और पढ़ें


