खरमास बाद शुरू होगा लग्न, फरवरी से मई तक शादि के लिए ये हैं शुभ मुहूर्त, देवघर के ज्योतिषी से जानें सब

खरमास बाद शुरू होगा लग्न, फरवरी से मई तक शादि के लिए ये हैं शुभ मुहूर्त, देवघर के ज्योतिषी से जानें सब

देवघर: नए साल 2026 की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद शुभ संयोगों के साथ हुई है. ग्रह-नक्षत्रों की चाल बता रही है कि यह वर्ष विवाह समेत अन्य शुभ-मांगलिक कार्यों के लिए खास रहने वाला है. खास बात यह है कि मकर संक्रांति के बाद देवगुरु बृहस्पति और शुक्र की अनुकूल स्थिति के कारण विवाह योग सक्रिय हो जाएंगे. ऐसे में जो लोग नए साल में शादी की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह खबर बेहद महत्वपूर्ण है.

दरअसल, 14 जनवरी 2026 को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसी के साथ खरमास का समापन हो जाएगा और एक बार फिर मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी. खरमास के दौरान जहां शादी-विवाह जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं, वहीं इसके समाप्त होते ही विवाह का सीजन पूरे जोश के साथ शुरू हो जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सूर्य का मकर राशि में गोचर शुभता और स्थिरता का संकेत देता है.

क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य:
देवघर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुद्गल के अनुसार, साल 2026 में मलमास लगने के कारण शुभ लग्नों की संख्या सामान्य वर्षों की तुलना में कम रहेगी. यही वजह है कि इस वर्ष विवाह, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए लग्न की ‘मारामारी’ देखने को मिल सकती है. पंडित मुद्गल बताते हैं कि 17 मई 2026 से मलमास की शुरुआत हो जाएगी, ऐसे में उससे पहले ही अधिकतर शादियां संपन्न करानी होंगी.

कब से हो रही है लग्न की शुरुआत:
बैद्यनाथ पंचांग के अनुसार, जनवरी 2026 में विवाह के लिए कोई भी शुभ लग्न उपलब्ध नहीं है. हालांकि फरवरी का महीना विवाह के लिए काफी अनुकूल रहने वाला है. फरवरी में 05, 06, 08, 12 और 19 तारीख को शुभ विवाह मुहूर्त बन रहे हैं. वहीं, मार्च महीने में 04, 05, 09 और 10 तारीख को शादी के लिए उत्तम योग रहेंगे. अप्रैल महीने की बात करें तो 27 और 30 अप्रैल को शुभ लग्न उपलब्ध हैं. इसके बाद मई महीने में 01, 03, 07, 08, 13 और 14 तारीख को विवाह के लिए शुभ मुहूर्त बनेंगे. 17 मई से मलमास शुरू होने के कारण इसके बाद मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा.

नोट: यहां दी गई तिथियां बैद्यनाथ पंचांग के अनुसार हैं. अलग-अलग पंचांगों में शुभ मुहूर्त की तिथियों में अंतर हो सकता है, इसलिए विवाह की अंतिम तिथि तय करने से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें.

Source link

Previous post

Holi 2026 Date: होली कब है? इस साल होलिका दहन का समय क्या, जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और महत्व

Next post

Kalashtami January 2026: 10 जनवरी को साल की पहली कालाष्टमी, काल भैरव की पूजा से मिटेंगे कष्ट-ग्रह दोष, जानें मुहूर्त, मंत्र, पूजा विधि, भोग

You May Have Missed