आज आसमान में नज़र आएगा रिंग ऑफ फायर, साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का ऐसा होगा नजारा, जानें कहां दिखेगा

आज आसमान में नज़र आएगा रिंग ऑफ फायर, साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का ऐसा होगा नजारा, जानें कहां दिखेगा

हाइलाइट्स

आज साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण.आसमान में नजर आएगा आग का छल्ला.

Surya Grahan 2024 : हिन्दू पंचांग का सातवां ​माह अश्विन चल रहा है और इस महीने की शुरुआत पितृपक्ष के साथ हुई थी. पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों को श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कार्य पूरे 16 दिनों तक चलते हैं, वहीं सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध पक्ष का समापन होगा, लेकिन इस दिन सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है और खास बात यह कि पितृपक्ष की शुरुआत चंद्रग्रहण के साथ हुई थी. सर्वपितृ अमावस्या पर लगने वाला ग्रहण साल का आखिरी सूर्य ग्रहण है और भोपाल निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित योगेश चौरे के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्यग्रहण न होकर वलयाकार सूर्यग्रहण होगा, जिसे रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है. इस ग्रहण की अवधि कितनी होगी और कहां देगा दिखाई, आइए जानते हैं.

कब से कब तक सूर्य ग्रहण 2024
सूर्य ग्रहण की शुरुआत: रात 9 बजकर 13 मिनट पर शुरू होगी.
सूर्य ग्रहण का समापन समापन: 3 अक्टूबर की मध्यरात्रि को 3 बजकर 17 मिनट पर होगा.

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सूर्य ग्रहण 2024: रिंग ऑफ फायर
वैज्ञानिकों के अनुसार, चूंकि यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं है इसलिए आसमान में कुछ स्थानों पर आग का एक छल्ला नजर आएगा. रिंग ऑफ फायर पूरा होने में करीब 3 घंटे से अधिक का समय लग सकता है, लेकिन वास्तविक रिंग ऑफ फायर कुछ सेकेंड से लेकर 12 सेकेंड तक देखा जा सकता है.

कैसे बनता है रिंग ऑफ फायर?
वैज्ञानिकों के अनुसार है सूर्य ग्रहण जब लगता है तो सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी तीनों एक सीधी रेखा में आ जाते हैं. सीधे शब्दों में समझा जाए तो सूर्य और पृथ्वी के बीच में जब चंद्रमा आता है तो सूर्य के प्रकाश से धरती नज़र नहीं आती. इस खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है.

इस दौरान चंद्रमा का पृथ्वी के चारों तरफ़ चक्कर लगाता है. जिसके कारण उसकी दूरी बदलती रहती है. जिससे चंद्रमा कभी पृथ्वी से दूर तो कभी पास नज़र आता है. जब चंद्रमा पृथ्वी के पास होता है तो वह बड़ा और दूर होता है तो छोटा दिखाई देता है.

अगर चंद्रमा पृथ्वी के पास होता है सूर्य ग्रहण के दौरान तो इसका आकार बड़ा होने की वजह से ये पृथ्वी से सूर्य को पूरी तरह से ढक लेता है. वहीं इसकी दूरी अधिक होती है तो छोटा आकार होने के कारण ये दूरी के बीच के हिस्से को ही ढक पाता है और ऐसे में सूर्य के चारों तरफ़ एक छल्ला बनता हुआ नज़र आता है. जिसे रिंग ऑफ़ फ़ायर कहा जाता है. रिंग ऑफ फायर पूरा होने में लगभग 3 घंटे से अधिक का समय लग सकता है. हालांकि इसकी अवधि कुछ सेकेंड से लेकर 12 सेकंड तक देखी जा सकती है.

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कहां देगा दिखाई?
साल 2024 के आखिरी सूर्य ग्रहण को दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर, अर्जैटीना, फिजी और चिली समेत अन्य इलाकों में देखा जा सकेगा लेकिन इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Solar eclipse, Surya Grahan

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