चार शुभ योग में रविवार व्रत, जानें सूर्य देव की पूजा का महत्व, पूजा विधि और कौन लोग करें यह विशेष व्रत?

चार शुभ योग में रविवार व्रत, जानें सूर्य देव की पूजा का महत्व, पूजा विधि और कौन लोग करें यह विशेष व्रत?

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Ravivar Surya Dev Vrat 2025: रविवार का दिन ग्रहों के राजा सूर्यदेव को समर्पित है और इस दिन व्रत रखकर सूर्यदेव की पूजा करने का विशेष महत्व है. ज्योतिष ग्रंथों में सूर्य को राजा कहा गया है, इसकी कृपा से सामाजिक सम्मान, सरकारी क्षेत्रों में लाभ और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है. रविवार की नियमित सूर्य उपासना दोषों के प्रभाव को कम करती है. आइए जानते हैं रविवार को सूर्य देव की पूजा का महत्व और पूजा विधि…

Ravivar Surya Dev Vrat 2025: पौष माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 7 दिसंबर दिन रविवार को पड़ रही है. रविवार को सूर्यदेव की पूजा वेदिक ज्योतिष में अत्यंत फलदायी मानी गई है. सूर्य आत्मबल, स्वास्थ्य, प्रतिष्ठा, पिता का सुख, नेतृत्व और शासन के कारक ग्रह हैं इसलिए सूर्य की कृपा जीवन में स्थिरता, सम्मान और सफलता लाती है. वहीं अगर कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर है तो व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. रविवार रवि पुष्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, शुक्ल योग, ब्रह्म योग समेत कई शुभ योग बन रहे हैं, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है. शुभ योग में सूर्यदेव की पूजा और शुभ कार्य करने का फल कई गुणा मिलता है. आइए जानते हैं सूर्यदेव की पूजा कैसे करें…

रविवार पंचांग 2025
द्रिक पंचांग के अनुसार, रविवार के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय शाम 4 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगा. इस दिन सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा रात 10 बजकर 38 मिनट तक मिथुन राशि में रहेंगे. इसके बाद कर्क राशि में गोचर करेंगे. इस तिथि को कोई विशेष पर्व नहीं है. अगर किसी जातक के जीवन में कोई भी समस्या है या फिर कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति कमजोर है, तो वे इस दिन विधि-विधान से सूर्य देव की आराधना और व्रत रख सकते हैं.

रविवार सूर्यदेव व्रत का महत्व
स्कंद और नारद पुराण में रविवार व्रत का उल्लेख मिलता है, जिसमें बताया गया है कि यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर है. इस व्रत की शुरुआत किसी भी मास के शुक्ल पक्ष के पहले रविवार से शुरू कर सकते हैं और 12 रविवार व्रत और विधि-विधान से पूजा कर उद्यापन कर दें. अगर कोई जातक कुछ कारणों से व्रत नहीं रख सकता है, तो वे सूर्य देव को हर दिन अर्घ्य जरूर दें. इस दिन मांस-मदिरा का सेवन और बाल या दाढ़ी कटवाना समेत कुछ चीजों का परहेज करें.

रविवार सूर्यदेव पूजा विधि
रविवार का व्रत करने के लिए जातक ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें. उसके बाद एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें फिर व्रत कथा सुनें और सूर्य देव को तांबे के बर्तन में जल भरकर उसमें फूल, अक्षत और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें. ऐसा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इसके अलावा रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने और सूर्य देव के मंत्र ॐ सूर्याय नमः या ॐ घृणि सूर्याय नमः का जप करने से भी विशेष लाभ मिलता है. रविवार के दिन गुड़ और तांबे के दान का भी विशेष महत्व है और नमक का सेवन करने से बचें.

कौन लोग विशेष रूप से रविवार को सूर्य पूजा करें?

  • जिन्हें आत्मविश्वास की कमी हो.
  • पिताजी से मतभेद होते रहते हों.
  • धन संबंधित समस्या का सामना करने वाले.
  • सरकारी नौकरी मिलने या प्रमोशन में बाधा हो.
  • स्वास्थ्य में कमजोरी या थकान बनी रहती हो.
  • आंखों से संबंधित समस्याएं हों.
  • जीवन में मान-सम्मान की कमी महसूस हो.

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Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

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