बुध ग्रह का गोचर: व्यापार, करियर में सावधानी जरूरी, जानिए अपनी राशि का हाल
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना होने वाली है. बुध ग्रह अपनी वक्री चाल के दौरान पीछे की राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है. हालांकि, इस दौरान कुछ विशेष उपाय अपनाकर इन प्रभावों से राहत पाई जा सकती है.
वाणी, मान-सम्मान, व्यापार, संचार, बुद्धि और विवेक के कारक ग्रहों के राजकुमार का राशि परिवर्तन होने वाला है. यह ज्योतिषीय घटना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है और कई राशियों के जीवन में आने वाले समय में चुनौतियां बढ़ा सकती है.

ग्रहों के राजकुमार, बुध ग्रह, 23 नवंबर की शाम को अपनी चाल बदलकर वक्री होकर पीछे की राशि में गोचर करेंगे. इस गोचर का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा. ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुछ राशियों के लिए यह समय चुनौतियों से भरा रहेगा, जबकि कुछ राशियों पर बुध का प्रभाव सकारात्मक और लाभकारी होगा. आइए जानते हैं राशियों पर इसके संभावित असर.

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, बुध ग्रह वक्री अवस्था में यानी उल्टी चाल में चलते हुए 23 नवंबर की शाम 7:58 बजे शुक्र की तुला राशि में प्रवेश करेंगे. इस गोचर का प्रभाव मेष, तुला, मकर और कर्क राशि के जातकों पर विशेष रूप से दिखाई देगा, जिससे उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
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उत्तराखंड के हरिद्वार के ज्योतिषाचार्य पंडित श्रीधर शास्त्री के अनुसार, बुध ग्रह वक्री अवस्था में यानी उल्टी चाल में 23 नवंबर की शाम 7:58 बजे तुला राशि में प्रवेश करेंगे. इस दौरान मेष राशि के जातकों को अपनी वाणी के कारण व्यापार में नुकसान और संबंधों में तनाव का सामना करना पड़ सकता है.

बुध ग्रह का गोचर तुला राशि के लग्न भाव में होगा. इस कारण इन जातकों को भ्रम की स्थिति के कारण व्यापार में नुकसान, छात्रों को पढ़ाई में भटकाव और करियर से जुड़े जातकों को इंटरव्यू या महत्वपूर्ण फैसले लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. अपनी बातों को स्पष्ट रूप से न कहने और कार्य क्षेत्र में निर्णय लेने में देरी के कारण ये जातक 30 नवंबर तक मानसिक रूप से तनावग्रस्त रह सकते हैं.

मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं और बुध ग्रह के तुला राशि में प्रवेश करने से मकर राशि के जातकों को अपने संवाद और बातचीत के कारण विवाद, तनाव और गलतफहमियों का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान जॉब बदलने, कार्यस्थल पर तनाव या अन्य पेशेवर परेशानियों से भी जूझना पड़ सकता है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं. जब चंद्रमा की बुध ग्रह के साथ युति होगी, तब कर्क राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतनी होगी. इस दौरान ऑफिस में किसी डील को लेकर, पैतृक संपत्ति के कागजात या घर और कार्यस्थल में होने वाले तनाव के कारण विवाद के योग बन सकते हैं.

उपाय के लिए पंडित श्रीधर शास्त्री बताते हैं कि राशियों को होने वाली समस्याओं से निजात पाने के लिए भगवान गणेश को मीठा भोग चढ़ाना, दूर्वा अर्पित करना और हरे रंग की वस्तुएं, मिठाई या वस्त्र दान करना श्रेष्ठ रहेगा. गणेश जी के मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ मिलेगा. कर्क राशि वाले जातकों को गोचर की अवधि में सफेद वस्तुएं दान करने और सफेद रंग की चीज़ें ग्रहण करने पर लाभ मिलेगा.


