Kaal Bhairav Jayanti 2025: भैरव बाबा की पूजा न करने वालों का क्यों जाग जाता है दुर्भाग्य? जानिए रहस्य!

Kaal Bhairav Jayanti 2025: भैरव बाबा की पूजा न करने वालों का क्यों जाग जाता है दुर्भाग्य? जानिए रहस्य!

Kaal Bhairav Jayanti 2025: हिंदू धर्म में भगवान शिव के अनेक रूपों में से एक सबसे शक्तिशाली और भयावह रूप माने जाते हैं काल भैरव बाबा. कहा जाता है कि जब अन्य देवता भी नकारात्मक ऊर्जा या बुरी आत्माओं के सामने असहाय हो जाते हैं, तब भैरव बाबा ही रक्षा करते हैं. हर साल मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव जयंती मनाई जाती है. यह दिन इस मायने में खास होता है क्योंकि इसी दिन बाबा काल भैरव का प्राकट्य हुआ था. भैरव बाबा को “समय का स्वामी” कहा गया है, यानी वे हर अच्छे-बुरे समय के मालिक हैं. जो व्यक्ति ईमानदारी और श्रद्धा से भैरव बाबा की पूजा करता है, उसके जीवन से डर, शत्रु, नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक रुकावटें दूर हो जाती हैं. इस साल काल भैरव जयंती 12 नवंबर 2025 (बुधवार) को यानी आज मनाई जा रही है. इस दिन भक्त विशेष रूप से काल भैरव मंदिर में जाकर दीप जलाते हैं, कुत्तों को भोजन कराते हैं और बाबा का नाम लेकर कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं. तो आइए जानते हैं कि भैरव बाबा की पूजा करने से क्या लाभ होते हैं और क्यों इस दिन का इतना महत्व माना गया है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

बाबा काल भैरव कौन हैं? (Kaal Bhairav Kon Hai)
बाबा काल भैरव को भगवान शिव का उग्र और रक्षक रूप माना जाता है. कथा के अनुसार, एक बार ब्रह्मा जी और विष्णु जी के बीच इस बात पर विवाद हुआ कि सबसे बड़ा देवता कौन है. जब ब्रह्मा जी ने अहंकारवश अपनी श्रेष्ठता जताई, तब भगवान शिव ने अपने क्रोध से भैरव का रूप धारण किया और ब्रह्मा जी का पांचवां सिर काट दिया. इस कर्म के कारण भैरव बाबा को “ब्रह्महत्या” का पाप लगा, लेकिन जब वे काशी पहुंचे, तो वहां वह पाप समाप्त हो गया. तभी से बाबा काल भैरव को काशी का कोतवाल माना जाता है. भैरव बाबा को तंत्र साधना, सुरक्षा, और न्याय के देवता कहा गया है. उनका वाहन काला कुत्ता है, जिसे उनका सबसे प्रिय माना जाता है. इसलिए उनके भक्त इस दिन कुत्तों को भोजन कराकर पुण्य कमाते हैं.

भैरव बाबा की पूजा करने से क्या होता है? (Kaal Bhairav Puja Ke Fayde)

1. भय और अवसाद से मुक्ति
कहा जाता है कि जो व्यक्ति मानसिक तनाव, डर या अवसाद से गुजर रहा हो, वह अगर श्रद्धा से भैरव बाबा की पूजा करे, तो उसे अद्भुत शांति और आत्मविश्वास मिलता है.

2. नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा
भैरव बाबा की आराधना करने से जीवन में मौजूद नकारात्मक शक्तियां, काला जादू या किसी की बुरी नजर का असर खत्म हो जाता है.

3. शत्रुओं पर विजय
भैरव बाबा को न्याय का रक्षक कहा गया है. इसलिए जो लोग अपने जीवन में दुश्मनों या विरोधियों से परेशान हैं, उन्हें भैरव पूजा से सुरक्षा और जीत मिलती है.

4. ग्रह दोष और बाधाओं से राहत
भैरव बाबा की कृपा से शनि, राहु और केतु जैसे ग्रहों के बुरे प्रभाव शांत होते हैं. ज्योतिष में कहा गया है कि जिन लोगों की कुंडली में ग्रह बाधा हो, उन्हें काल भैरव की उपासना करनी चाहिए.

5. कानूनी मामलों में सफलता
अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगा रहा है, तो भैरव पूजा से उसे न्याय और राहत मिल सकती है.

6. बीमारियों से बचाव और स्वास्थ्य लाभ
भैरव बाबा की पूजा से शारीरिक और मानसिक बीमारियों से छुटकारा मिलता है. माना जाता है कि बाबा अपने भक्तों को दीर्घायु का वरदान देते हैं.

7. करियर और व्यापार में सफलता
जो व्यक्ति अपने करियर या बिजनेस में रुकावट महसूस करता है, उसे भैरव बाबा की पूजा से तरक्की और नई राहें मिलने लगती हैं.

8. आर्थिक तंगी से राहत
कई लोग आर्थिक संकट से परेशान रहते हैं. भैरव पूजा करने से धन का प्रवाह बढ़ता है और जीवन में स्थिरता आती है.

9. घर में सकारात्मक ऊर्जा
भैरव बाबा के नाम का दीपक जलाने और उनके मंत्र का जाप करने से घर और कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.

10. समय पर नियंत्रण और निर्णय क्षमता में सुधार
क्योंकि भैरव “समय के स्वामी” हैं, इसलिए उनकी आराधना करने से व्यक्ति के जीवन में सही निर्णय लेने की क्षमता और अनुशासन बढ़ता है.

Kaal Bhairav Puja 2025

काल भैरव जयंती पर क्या करें
-इस दिन सुबह स्नान के बाद काले तिल, सरसों के तेल और लाल फूलों से भैरव बाबा की पूजा करें.
-मंदिर जाकर दीपक जलाएं और “ॐ कालभैरवाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें.
-काले कुत्ते को रोटी, दूध या मीठा खिलाएं.
-इस दिन झूठ, शराब और मांस से परहेज़ करें.
-रात के समय “भैरव चालीसा” या “काल भैरव स्तोत्र” का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है.

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