Guruwar Vrat Vidhi Niyam: कैसे करें गुरुवार व्रत की शुरूआत? कब होगा उद्यापन? जानें विधि, नियम और महत्व

Guruwar Vrat Vidhi Niyam: कैसे करें गुरुवार व्रत की शुरूआत? कब होगा उद्यापन? जानें विधि, नियम और महत्व

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Guruwar Vrat Vidhi Niyam: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करते हैं. गुरुवार का व्रत किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के गुरुवार से प्रारंभ कर सकते हैं. आइए जानते हैं गुरुवार व्रत की विधि और नियम?

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Guruwar Vrat Vidhi Niyam: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए होता है. अग्नि पुराण में उल्लेख मिलता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने काशी में शिवलिंग की स्थापना की थी, जिस वजह से इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने का महत्व थोड़ा ज्यादा बढ़ जाता है. गुरुवार व्रत और पूजा करने से गुरु दोष मिटता है, वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं और लक्ष्मी नारायण की कृपा मिलती है. गुरुवार के दिन व्रत रखने से धन, समृद्धि, संतान और सुख-शांति की प्राप्ति होती है. गुरुवार व्रत कब शुरू करना चाहिए? गुरुवार व्रत का उद्यापन कब करें? आइए जानते हैं गुरुवार व्रत की विधि और नियम?

गुरुवार व्रत विधि और नियम

  1. गुरुवार व्रत का प्रारंभ आप किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से कर सकते हैं.
  2. इस व्रत को 16 गुरुवार तक रखा जाता है. उसके बाद गुरुवार व्रत का उद्यापन कर दें.
  3. गुरुवार के दिन व्रत शुरू करने के लिए आप ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, फिर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें.
  4. एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें, इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें.
  5. फिर केले के पौधे की जड़ में चने की दाल, गुड़ और मुनक्का चढ़ाकर भगवान विष्णु की पूजा करें.
  6. उसके बाद दीपक जलाएं, गुरुवार व्रत कथा सुनें और भगवान बृहस्पति भगवान की आरती करें. आरती के बाद आचमन करें.
  7. मान्यता है कि जो जातक इस दिन व्रत रखते हैं, उन्हें पीले वस्त्र धारण करने चाहिए और पीले फल-फूलों का दान करना चाहिए. ऐसा करने से लाभ मिलता है.
  8. भगवान विष्णु को हल्दी चढ़ाने से मनोकामना पूरी होती है और पुण्य फल की प्राप्ति होती है.
  9. गुरुवार के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न और धन का दान करने से भी पुण्य प्राप्त होता है.
  10.  मान्यता है कि केले के पौधे में भगवान विष्णु का वास होता है. इसी कारण गुरुवार के दिन केले के पौधे की पूजा की जाती है.

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कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें

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