Surya Grah 2025 Live: सूर्य ग्रहण शुरू होने में कितना समय बाकी, जानिए Solar eclipse की पल-पल की अपडेट
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Surya Grahan 2025 Live: साल 2025 का अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर रात 10:59 बजे लगेगा, 22 सितंबर तड़के 3:23 एएम पर समाप्त होगा. यह भारत में नहीं दिखेगा, लेकिन अन्टार्कटिका, न्यूजीलैण्ड में दिखेगा.
पढ़िए, सूर्य ग्रहण 2025 की पल-पल की अपडेट.
सूर्य ग्रहण कब लगेगा?
साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को रात में 10 बजकर 59 मिनट पर लगेगा. इस समय से सूर्य ग्रहण का प्रारंभ होगा. उस समय आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि होगी. अमावस्या 22 सितंबर को 01:23 एएम तक है. शास्त्रों के अनुसार, सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन लगता है, जबकि चंद्र ग्रहण पूर्णिमा को लगता है.
सूर्य ग्रहण का समापन
इस बार का सूर्य ग्रहण लगभग साढ़े 4 घंटे तक रहेगा. 10:59 पीएम से शुरू होने वाले सूर्य ग्रहण का समापन 22 सितंबर दिन सोमवार को तड़के 3:23 एएम पर होगा. ग्रहण के समापन के समय आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि होगी. प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर को 01:23 एएम से शुरू है. सूर्योदय के बाद शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ होगा.
सूर्य ग्रहण का चरम बिंदू
यह सूर्य ग्रहण 22 सितंबर को 01:11 एएम पर अपने चरम पर होगा. करीब सवा दो घंटे बाद ग्रहण का मोक्ष हो जाएगा. इस समय में लोग सो रहे होंगे. ऐसे में सुबह उठकर आप स्नान, दान आदि करें.
सूर्य ग्रहण का सूतक काल
इस सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण के प्रारंभ से 12 घंटे पहले ही शुरू हो जाता है. सूतक काल में कोई भी शुभ काम नहीं करते हैं, इसमें गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना होता है. सूर्य ग्रहण रात में 10:59 बजे लग रहा है तो इसका सूतक काल सुबह में 10:59 बजे से लग जाना चाहिए.
September 20, 2025 17:22 IST
क्या भारत में लगेगा सूतक? जानिए क्या राशियों पर भी होगा प्रभाव
21 सितंबर को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा या नहीं? इसको जानना बेहद जरूरी है. तो बता दें कि, साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इस वजह से इसका सूतक काल नहीं लगेगा. सूतक काल के नियम लागू नहीं होंगे. लेकिन सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर होगा. यह सूर्य ग्रहण कुछ राशियों के लिए शुभ होगा तो कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा.
September 20, 2025 17:17 IST
सूर्य ग्रहण कब और क्यों लगता है? जानिए Solar eclipse की अपडेट
पौराणिक कथाओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण तब लगता है, जब पाप ग्रह राहु और केतु उसका ग्रास करने के लिए आते हैं. ऐसे समय को अशुभ माना जाता है, इस वजह से इसमें कोई शुभ काम नहीं करते हैं और भगवत भजन करते हैं. हालांंकि मंदिरों के कपाट तक बंद कर देते हैं.


