Sarva Pitru Amavasya 2025 Shraddha Vidhi: सर्वार्थ सिद्धि योग में सर्व पितृ अमावस्या कल, कैसे करें श्राद्ध, जानें विधि, मुहूर्त
सर्व पितृ अमावस्या मुहूर्त
दृक पंचांग के अनुसार, सर्व पितृ अमावस्या का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 50 मिनट से शुरू होकर दोपहर के 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा. उस दिन का राहुकाल का समय 4 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर 6 बजकर 19 मिनट तक रहेगा.
सर्वार्थ सिद्धि योग कब से कब तक
सर्व पितृ अमावस्या पर किसका होता है श्राद्ध
अमावस्या श्राद्ध को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या भी कहते हैं. इस दिन पूर्णिमा तिथि को मृत हुए लोगों का भी महालय श्राद्ध किया जाता है. इस दिन श्राद्ध करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है. इस दिन उन पितरों का भी श्राद्ध करते हैं, जिनकी मृत्यु तिथि पता नहीं होती है.
सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध विधि
2. इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान करें. गाय, कुत्ते, कौवे, देव, और चींटी के लिए भोजन निकालें.
4. पीपल के पेड़ की पूजा करें, जिसमें पितरों का वास माना जाता है, इसकी सात परिक्रमा करें.
5. फिर सरसों के तेल के दीपक में काले तिल डालकर जलाएं. आप मंदिर के बाहर पीपल का पेड़ भी लगा सकते हैं, जिससे आपको शुभ परिणाम मिल सकते हैं और पितरों की कृपा प्राप्त होगी.


