Pitru Paksha 5th Day: पितृ पक्ष की पंचमी तिथि को किसका होता है श्राद्ध? जानें तर्पण और श्राद्ध का समय

Pitru Paksha 5th Day: पितृ पक्ष की पंचमी तिथि को किसका होता है श्राद्ध? जानें तर्पण और श्राद्ध का समय

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Pitru Paksha 5th Day: आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को पितृ पक्ष की पंचमी तिथि या पंचमी श्राद्ध होता है. पंचमी तिथि पर कम आयु में देह त्यागने वाली महिला पितरों का श्राद्ध भी इस दिन किया जाता है. आइए जा…और पढ़ें

पितृ पक्ष की पंचमी तिथि को किसका होता है श्राद्ध? जानें तर्पण और श्राद्ध समय
पितृ पक्ष की पंचमी तिथि को पंचमी श्राद्ध के नाम से जानते हैं. हिंदू कैलेंडर के अनुसार आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को पितृ पक्ष की पंचमी तिथि होती है. पंचमी तिथि पितृ पक्ष के चौथे या पांचवे दिन हो सकती है क्योंकि तिथियों का समय कम या ज्यादा होने पर पितृ पक्ष के दिन कम या ज्यादा हो सकते हैं. आइए जानते हैं कि पितृ पक्ष की पंचमी तिथि पर किसका श्राद्ध होता है? पितृ पक्ष की पंचमी तिथि का महत्व क्या है?

पितृ पक्ष की पंचमी तिथि

इस साल पितृ पक्ष की पंचमी तिथि 11 सितंबर गुरुवार को है. पितृ पक्ष की पंचमी तिथि के दिन उन लोगों का श्राद्ध होता है, जिनका निधन किसी भी महीने की पंचमी तिथि को हुआ होता है.

उदाहरण के लिए आपको बता दें कि किसी व्यक्ति का निधन सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ है तो पितृ पक्ष में उसका श्राद्ध पितृ पक्ष की पंचमी तिथि को होगा. ऐसे ही किसी व्यक्ति का निधन वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ है, तो उसका भी श्राद्ध पितृ पक्ष की पंचमी तिथि को ही होगा. किसी भी माह के किसी भी पक्ष की पंचमी तिथि को जिसका निधन होता है, उसका श्राद्ध कर्म पितृ पक्ष की पंचमी श्राद्ध पर ही होता है.

कुंआरा पंचमी श्राद्ध

पितृ पक्ष की पंचमी तिथि को कुंआरा पंचमी श्राद्ध भी कहते हैं. इस दिन अल्प आयु में देह त्यागने वाली महिला पितरों का श्राद्ध किया जाता है. पंचमी तिथि को अविवाहित कन्याएं, गर्भावस्था में निधन हुई स्त्रियों, प्रसव के दौरान शरीर त्याग देने वाली माताओं का श्राद्ध इस दिन होता है.

पंचमी श्राद्ध का समय

आज पितृ पक्ष की पंचमी तिथि पर श्राद्ध का समय दिन में 11 बजकर 30 मिनट से दोपहर 2 बजकर 30 मिनट तक है. इस समय में अपने पितरों के लिए श्राद्ध, पिंडदान, दान, ब्राह्मण भोज, पंचबलि कर्म आदि करना चाहिए.

पितृ पक्ष की पंचमी तिथि पर तर्पण

पंचमी श्राद्ध के दिन आप स्नान के बाद अपने पितरों के लिए तर्पण करें. तर्पण के लिए आप जल, सफेद फूल, कुश की पवित्री, काले तिल का उपयोग करें. बिना कुश की पवित्री के तर्पण देने से वह जल पितरों को प्राप्त नहीं होता है. कुश के पोरों से जब जल से तर्पण देते हैं, तो वह पितरों को मिलता है और इसे पाकर वे तृप्त हो जाते हैं.

सर्वार्थ सिद्धि योग में पंचमी श्राद्ध

आज के पंचमी श्राद्ध पर सर्वार्थ सिद्धि योग बना है. सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह में 06 बजकर 04 मिनट से दोपहर 01 बजकर 58 मिनट तक है. सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए कार्य सफल होते हैं.

पंचमी श्राद्ध मुहूर्त

आज पंचमी श्राद्ध के दिन अभिजीत मुहूर्त 11:53 ए एम से दोपहर 12:42 पी एम तक है. आज का ब्रह्म मुहूर्त 04:32 ए एम से 05:18 ए एम तक था.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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कार्तिकेय तिवारी

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक…और पढ़ें

कार्तिकेय तिवारी Hindi News18 Digital में Deputy News Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, वास्तु और फेंगशुई से जुड़ी खबरों पर काम करते हैं. पत्रकारिता में 12 वर्षों का अनुभव है. डिजिटल पत्रक… और पढ़ें

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