Chandra Grahan Pregnant Ladies: रविवार को लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण, सूतक काल में सावधान रहें गर्भवती महिलाएं, करें ये मंत्र जाप

Chandra Grahan Pregnant Ladies: रविवार को लगेगा साल का अंतिम चंद्र ग्रहण, सूतक काल में सावधान रहें गर्भवती महिलाएं, करें ये मंत्र जाप

इस साल का अंतिम चंद्र ग्रहण 7 सितंबर रविवार को लगने वाला है. उस दिन भाद्रपद पूर्णिमा है. चंद्र ग्रहण हमेशा पूर्णिमा को और सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन लगता है. चंद्र ग्रहण वाले दिन भाद्रपद पूर्णिमा 1:41 एएम से शुरू होगी और उस रात 11:38 पीएम तक रहेगी. यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा, इसकी वजह से इसका सूतक काल मान्य होगा. सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है, इस वजह से इसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं करते हैं. चंद्र ग्रहण का सूतक काल गर्भवती महिलाओं के लिए खतरनाक माना जाता है क्योंकि उसका दुष्प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ सकता है. इस वजह से चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना पड़ता है. चंद्र ग्रहण के वक्त गर्भवती महिलाओं को विशेष मंत्र का जाप करना चाहिए, जिससे गर्भस्थ शिशु सुरक्षित रहता है.

चंद्र ग्रहण कब से कब तक है?

इस साल चंद्र ग्रहण 7 सितंबर रविवार को रात में 8 बजकर 58 मिनट से लगने वाला है. इस चंद्र ग्रहण का समापन 8 सितंबर को देर रात 1:25 एएम पर होगा. रात 11 बजकर 1 मिनट से 12 बजकर 23 मिनट तक पूर्ण चंद्र ग्रहध होगा.

चंद्र ग्रहण का सूतक काल

7 सितंबर को चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पूर्व ही शुरू हो जाएगा. चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर में 12 बजकर 57 मिनट से शुरू होगा. इसका समापन देर रात 1:25 एएम पर होगा. उस समय चंद्र ग्रहण भी खत्म हो जाएगा. चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू होता है और ग्रहण के साथ खत्म होता है.

गर्भवती महिलाओं के लिए चंद्र ग्रहण सूतक काल क्यों है खतरनाक

लोक मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण के सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को नुकीली वस्तुओं जैसे चाकू, कैंची, सुई आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए. न ही ग्रहण के समय में घर से बाहर जाना चाहिए क्योंकि इसका अशुभ या नकारात्मक प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर हो सकता है.

चंद्र ग्रहण में गर्भवती महिलाओं के लिए मंत्र

1. रक्ष रक्ष गणाध्यक्ष रक्ष त्रैलोक्यरक्षकं।
भक्तानामभयं कर्ता त्राता भव भवार्णवात्।।

ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं गणेश जी के इस मंत्र का जाप कर सकती हैं, इससे संतान की रक्षा होती है.

2. ॐ श्रीकृष्णाय शरणं मम।
या कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणत क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः।

सभी प्रकार के दुख और संकटों को दूर करने के लिए गर्भवती महिलाएं भगवन श्रीकृष्ण के इस मंत्र का जाप कर सकती हैं.

3. ॐ देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः

ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिलाएं संतान गोपाल मंत्र का जाप कर सकती हैं.

4. जननी सर्वभूतानां, बालानां च विशेषतः।
नारायणीस्वरुपेण, बालं मे रक्ष सर्वदा॥
भूतप्रेतपिशाचेभ्यो, डाकिनी योगिनीषु च।
मातेव रक्ष बालं मे, श्वापदे पन्नगेषु च॥

यह संपूर्ण जगत की माता देवी दुर्गा का प्रभावशाली मंत्र है. चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं इस मंत्र का भी जाप कर सकती हैं. इससे उनकी संतान सुरक्षित रहेगी.

5. यदि आपको कोई मंत्र याद नहीं हो रहा है तो आप अपने इष्ट देव के नाम का जाप करें. जो भगवान या माता आपको प्रिय हैं, उनके नाम का जाप करें. ग्रहण का दुष्प्रभाव आप पर नहीं होगा.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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