शनि-मंगल की दृष्टि से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी 3 राशियां, 13 सितंबर तक संभलकर रहें, चीजें हो सकती हैं अनियंत्रित

शनि-मंगल की दृष्टि से सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी 3 राशियां, 13 सितंबर तक संभलकर रहें, चीजें हो सकती हैं अनियंत्रित

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Saturn-Mars Mutual Aspect: शनि और मंगल ग्रह इस समय एक दूसरे के आमने सामने स्थित हैं. दरअसल शनि मीन राशि में मौजूद हैं तो मंगल ग्रह कन्या राशि में विराजमान हैं, जो अशुभ दृष्टि बना रहे हैं. शनि और मंगल की बन रही …और पढ़ें

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शनि-मंगल की दृष्टि से 3 राशियां रहें संभलकर, हो सकता है नुकसान
न्याय व कर्म के कारक ग्रह शनि फिलहाल मीन राशि में है और ग्रहों के सेनापति मंगल कन्या राशि में हैं, जिससे वे एक-दूसरे के विपरीत स्थित हैं. यह स्थिति 13 सितंबर तक प्रभावी रहने वाली है, जब तक मंगल ग्रह तुला राशि में गोचर नहीं कर जाते. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, मंगल ग्रह उग्र, आवेगी, साहस, खून, आक्रामक, क्रियाशील आदि के कारक ग्रह हैं. वहीं शनि कर्म, न्याय, सीमाओं और सहनशीलता का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस समय ये दोनों ग्रह एक-दूसरे के आमने-सामने स्थित हैं, जो अनुशासन में रहते हुए एक अशुभ दृष्टि का निर्माण कर रहे हैं, जो 3 राशियों के लिए खतरनाक स्थिति बना रहे हैं. इन राशियों को पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और चीजें अनियंत्रित भी हो सकती हैं. आइए जानते हैं शनि-मंगल की दृष्टि से कौन सी राशियां सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी.

राशि फल 
शनि-मंगल की दृष्टि का कन्या राशि पर प्रभाव
कन्या राशि में मंगल का होना आपके लग्न (पहले घर) में तीसरे और आठवें स्वामी के आने का संकेत हैं और आपके सातवें घर में शनि पांचवें और छठे घर की ऊर्जा के साथ आ रहे हैं. इन ग्रहों के बीच का यह पारस्परिक दृष्टिकोण कन्या राशि वालों के वैवाहिक जीवन और व्यापारिक साझेदारियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है. इस दौरान आपको बार-बार गुस्से आ सकता है, जिसका प्रभाव आपके पर्सनल और प्रफेशनल रिश्ते पर पड़ सकता है. वहीं नौकरी पेशा जातकों को सहकर्मियों के साथ समस्याएं हो सकती हैं और ये बॉस को आपके खिलाफ कर सकते हैं, जिसकी वजह से आपको नाराजगी और अनकही नाराजगी से जूझना पड़ सकता है.

शनि-मंगल की दृष्टि का वृश्चिक राशि पर प्रभाव
शनि-मंगल की दृष्टि से वृश्चिक राशि वालों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है. इस दौरान आपको पर्सनल व प्रफेशनल लाइफ में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आपके व्यवहार और क्रोध की वजह से दोस्त और प्रियजन आपसे दूर जा सकते हैं और धन संबंधित समस्याएं भी बनी रहेंगी. इस दौरान आपके मन की शांति को भंग हो सकती है. वैवाहिक जीवन की बात करें तो जीवनसाथी के बीच कोई छोटी सी लड़ाई तेजी से बढ़ सकती है और गंभीर बहस का रूप ले सकती है. जो लोग पहले से ही बिजनेस या व्यक्तिगत मामलों में मुकदमेबाजी का सामना कर रहे हैं, वे इस अवधि के दौरान स्थिति को और बिगड़ते हुए देख सकते हैं.

शनि-मंगल की दृष्टि का मीन राशि पर प्रभाव
मीन राशि वालों के लिए मंगल दूसरे और नौवें भाव का स्वामी हैं और शनि 11वें और 12वें भाव का स्वामी हैं. शनि आपकी राशि के लग्न भाव अर्थात पहले स्थान पर विराजमान हैं,जबकि मंगल सातवें भाव में, जिससे 1-7 अक्ष बनता है. शास्त्रों में सातवें भाव में मंगल को अशुभ माना गया है और इसे मंगल दोष का कारण बताया गया है. इस स्थिति की वजह से आपके काम में देरी हो सकती है और वैवाहिक जीवन में अनिवार्य समस्याएं खड़ी हो सकती हैं. इस अवधि में धन का लेन देन करने से बचें और यह आपको वित्तीय समस्याएं भी दे सकता है. अगर आप कोई नया कार्य शुरू करना चाहते हैं तो फिलहाल रुक जाएं.

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Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

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