भद्रवाह में ऐतिहासिक शिव मंदिर और पांडु गुफा मंदिर बाढ़ की चपेट में, महाभारत से इन मंदिरों का संबंध

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जम्मू-कश्मीर के प्राचीन शिव मंदिर और प्रसिद्ध पांडु गुफा मंदिर को अचानक आई बाढ़ से भारी नुकसान पहुंचा है. इस मंदिर भहाभारत से जुड़ा है और यहां दर्शन करने वाले सभी भक्तों की मनोकामना पूरी होती है. इस मंदिर के दर…और पढ़ें

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महाभारत कालीन शिव मंदिर और पांडु गुफा मंदिर बाढ़ की चपेट में
जम्मू-कश्मीर अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है लेकिन धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले इस जगह पर बाढ़ ने कोहराम मचा रहा है. जम्मू कश्मीर के डोडा जिले के भद्रवाह में अचानक आई बाढ़ ने वहां के ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों को भी अपनी चपेट में ले लिया. इस बाढ़ से प्राचीन शिव मंदिर और प्रसिद्ध पांडु गुफा मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा है. मंदिर के पुजारी समेत आसपास के लोगों को सुरक्षित जगह भेज दिया गया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह दोनों ही मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं और हर साल हजारों लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं.

राहत और बचाव कार्य शुरू
तेज बारिश के बाद अचानक जलस्तर बढ़ने से नदी-नाले उफान पर आ गए और मंदिर परिसर में पानी भर गया. कई हिस्सों की दीवारें और सीढ़ियां टूट गईं. प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है. फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन मंदिरों की संरचना को हुआ नुकसान स्थानीय लोगों की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा रहा है. भद्रवाह को चोटियों की नगरी कहा जाता है और यहां धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन का बड़ा महत्व है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में बाढ़ ने तबाही मचाई हो, लेकिन इस बार धार्मिक धरोहर को हुए नुकसान से लोग बेहद दुखी हैं.

बेहद प्रसिद्ध है यह शिव मंदिर
भद्रवाह में भगवान शिव का एक प्रसिद्ध मंदिर है, जिसे गुप्त गंगा मंदिर भी कहा जाता है, जो नेरू नदी के किनारे स्थित है. हिंदू धर्म से जुड़ी पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत काल के समय पांडव अपने अज्ञात प्रवास के दौरान इसी स्थान पर काफी समय तक रुके हुए थे. यहां आज भी भीम के पैरों के निशान यहां आज भी देख सकते हैं, जो पत्थरों पर मौजूद है. मंदिर का नाम गुप्त गंगा इसलिए पड़ा क्योंकि इस तीर्थस्थल पर स्थित शिवलिंग पर गंगा का पानी की हर समय गिरता रहता है और फिर लुप्त भी हो जाता है. यह नजारा बहुत सुंदर दिखाई देता है और देखते ही भक्ति का अहसास होता है. यह मंदिर भद्रवाह के केंद्र से 0.5 किमी दूर नेरू नदी के तट पर स्थित है.

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Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

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