संत प्रेमानंद पर स्वामी रामभद्राचार्य के बिगड़े बोल, संत समाज बुरी तरह भड़का, कहा- मर्यादित व्यवहार…

संत प्रेमानंद पर स्वामी रामभद्राचार्य के बिगड़े बोल, संत समाज बुरी तरह भड़का, कहा- मर्यादित व्यवहार…

Last Updated:

जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक इंटरव्यू में प्रेमानंद महाराज को लेकर बयान दिया था, जो काफी वायरल हो गया है. इस बयान के बाद प्रेमानंद महाराज के शिष्यों का सोशल मीडिया पर गुस्सा देखने को मिला. साथ ही अब संत समाज ने…और पढ़ें

gogole-serarch-btn
संत प्रेमानंद पर स्वामी रामभद्राचार्य के बिगड़े बोल, संत समाज बुरी तरह भड़का
आध्यात्मिक गुरु स्वामी रामभद्राचार्य की ओर से संत प्रेमानंद पर की गई टिप्पणी को लेकर संत समाज ने नाराजगी जताई है. इस बयान पर कई प्रमुख संतों ने आपत्ति जताई है और इसे सनातन धर्म के मूल्यों के खिलाफ बताया है. सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी के देवेशाचार्य महाराज ने स्वामी रामभद्राचार्य के बयान की निंदा करते हुए कहा, “ऐसे शब्द उनके पद के अनुरूप नहीं हैं. स्वामी रामभद्राचार्य अत्यंत पूजनीय संत हैं और सनातन धर्म में उनका सर्वोच्च स्थान है. ऐसी भाषा का प्रयोग बिल्कुल अनुचित है. संतों से संयमित और मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा की जाती है.

सीताराम दास महाराज ने की टिप्पणी
इसी तरह, सीताराम दास महाराज ने इस टिप्पणी को संकीर्ण मानसिकता का परिचायक बताया. उन्होंने कहा कि संत प्रेमानंद लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं. स्वामी रामभद्राचार्य को ऐसा बयान देने से बचना चाहिए था. उन्होंने आगे कहा कि संतों का कर्तव्य समाज को एकजुट करना है, न कि विवाद उत्पन्न करना. इस तरह की बातों का समर्थन नहीं किया जा सकता. संतों को अपने व्यवहार और वाणी में संयम बरतना चाहिए, ताकि सनातन धर्म की गरिमा बनी रहे.

हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी
हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि स्वामी रामभद्राचार्य और संत प्रेमानंद दोनों ही महान संत हैं. ऐसे बयानों से बचना चाहिए, क्योंकि ये समाज में गलत संदेश देते हैं. मैं संतों से आपसी सम्मान और सद्भाव बनाए रखने का आग्रह करता हूं.

उज्जैन अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष
उज्जैन अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रामेश्वर दास महाराज ने भी इस टिप्पणी को अनुचित ठहराया. उन्होंने कहा कि साधु-संतों को ऐसी टिप्पणियों से दूर रहना चाहिए. स्वामी रामभद्राचार्य का बयान सनातन धर्म की गरिमा के अनुकूल नहीं है. बेवजह बयानबाजियों के बजाय संत समाज एकता और शांति का संदेश देश और समाज को दें, ऐसा मैं आग्रह करता हूं.

महंत विशाल दास महाराज
वहीं, महंत विशाल दास महाराज ने इस मामले को संतों का आंतरिक मुद्दा बताते हुए सुझाव दिया कि दोनों संतों को आपस में बैठकर बातचीत के जरिए विवाद सुलझाना चाहिए. उन्होंने कहा कि दोनों पूजनीय हैं. अगर कोई मतभेद है, तो उसे सौहार्दपूर्ण ढंग से हल किया जाना चाहिए.

क्या कहा था जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने?
बता दें कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने प्रेमानंद महाराज को लेकर बड़ा बयान दिया है. रामभद्राचार्य ने प्रेमानंद महाराज को चुनौती देते हुए कहा कि चमत्कार अगर है, तो मैं चैलेंज करता हूं प्रेमानंद जी एक अक्षर मेरे सामने संस्कृत बोलकर दिखा दें, या मेरे कहे हुए संस्कृत श्लोकों का अर्थ समझा दें. मैं आज खुलकर कह रहा हूं, वो तो मेरे बालक के समान है, इस अवस्था में भी. शास्त्र जिसको आए, वहीं चमत्कार है. किडनी का डायलिसिस होता रहता है इनका. डायलिसिस की वजह से जी रहे हैं, जीने दीजिए.

authorimg

Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प… और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homedharm

संत प्रेमानंद पर स्वामी रामभद्राचार्य के बिगड़े बोल, संत समाज बुरी तरह भड़का

Source link

Previous post

नमक के ये 6 ज्योतिष उपाय एकबार आजमाकर जरूर देखें, हर संकट से होंगे दूर, राहु केतु दोष भी होगा शांत

Next post

Aaj Ka Tarot Rashifal: मेष वालों को मिलेगा धोखा, निराशा लगेगी हाथ, मिथुन वाले चखेंगे सफलता का स्वाद, पढ़ें अपना टैरो राशिफल

You May Have Missed