Hanuman Ji kiske Avtar: हनुमानजी किसके अवतार हैं? जानिए पवन पुत्र को कैसे मिला वानर रूप, पढ़ें रोचक कथा
Last Updated:
Hanuman ji kiske avtar hai: हनुमान जी भगवान शिव के 11वें रुद्र अवतार हैं. उनका जन्म अंजना और केसरी के यहां हुआ था. हनुमान जी की पूजा हनुमान चालीसा के साथ करने से सभी कार्यों में सफलता मिलती है.
जानिए, हनुमानजी किसके अवतार हैं? (AI)किसके अवतार हैं हनुमान जी

हनुमान जी पवन पुत्र भी कहे जाते हैं और वानर राज केसरी के पुत्र भी. असल में उनकी माता अंजनि अपने पूर्वजन्म में इंद्रराज के महल में अप्सरा थी. उनका नाम पुंजिकस्थला था. वह बहुत आकर्षक और चंचल स्वभाव की थी. एक बार चंचलता के कारण उन्होंने तपस्या में लीन एक ऋषि को वानर समझकर उनके साथ अभद्र व्यवहार कर दिया, तो ऋषि ने क्रोध में उन्हें श्राप दिया कि वो वानरी का रूप धारण कर लेगी. श्राप सुनकर पुंजिकस्थला को बहुत पछतावा हुआ और उसने ऋषि से क्षमा मांगकर श्राप को वापस लेने के लिए विनती की. उस पर दया कर ऋषि ने कहा कि तुम्हारा वानर रूप भी परम तेजस्वी होगा और तुम एक बहुत ही कीर्तिवान और यशस्वी पुत्र को जन्म दोगी.
यह वरदान मिलने के बाद वह शिवजी की तपस्या करने लगी. शिवजी ने प्रसन्न होकर उसे वरदान मांगने के लिए कहा, तो अंजलि ने उन्हें ऋषि द्वारा मिले श्राप के विषय में बताया और कहा कि इस श्राप से मुक्त होने के लिए मुझे शिव के अवतार को जन्म देना है. इसलिए, हे महादेव! कृपया आप बाल रूप में मेरे गर्भ से जन्म लें. शिवजी ने अंजनी को आशीर्वाद दिया और उनके गर्भ से बजरंग बली के रूप में जन्म लिया.इस प्रकार हनुमान जी ने भगवान महादेव के ग्यारहवें रूद्र अवतार के रूप मे माता अंजना के गर्भ से जन्म लिया और उन्हें वानर रूप मिला.


