Kajari Teej 2025 Mistakes: कजरी तीज पर महिलाएं भूलकर भी न करें ये 5 काम, नहीं मिलेगा व्रत का फल और होगा दोष
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Kajari Teej 2025 Mistakes: कजरी तीज का व्रत केवल धार्मिक परंपरा नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक साधना भी है. अगर इसे पूरी श्रद्धा और सही तरीके से किया जाए, तो इससे न केवल वैवाहिक जीवन में मिठास बढ़ती है, बल्कि मन को भ…और पढ़ें
कजरी तीज 2025Kajari Teej 2025 Mistakes: हर साल कजरी तीज का पर्व सावन के बाद, भाद्रपद मास की तृतीया तिथि को मनाया जाता है. इस बार कजरी तीज 12 अगस्त 2025, मंगलवार को है. यह दिन सुहागिनों के लिए बेहद खास होता है. महिलाएं दिनभर बिना कुछ खाए पिए व्रत रखती हैं और रात को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं. इस दिन शिव पार्वती की पूजा के साथ साथ चंद्रमा की भी विशेष मान्यता होती है. हालांकि, इस व्रत को पूरी श्रद्धा और नियमों से करना जरूरी होता है. कई बार छोटी छोटी गलतियों के कारण व्रत अधूरा रह जाता है या उसका फल कम हो जाता है. ऐसे में महिलाओं को कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि उनका संकल्प टूटे नहीं और पूजा का असर बना रहे. आइए जानते हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा से कजरी तीज पर किन बातों से बचना चाहिए.
कजरी तीज का व्रत निर्जला होता है. इसका मतलब है कि दिनभर न तो पानी पिया जाता है और न ही कुछ खाया जाता है. अगर आप दिन में पानी पी लेती हैं तो यह व्रत अधूरा माना जाता है. इसलिए सुबह से लेकर रात को चंद्रमा दिखने तक खुद को मानसिक रूप से तैयार रखें कि कुछ भी नहीं लेना है.
व्रत के दिन मन को शांत रखना बेहद जरूरी होता है. किसी से बहस, गुस्सा या अपशब्दों का प्रयोग व्रत के प्रभाव को कम कर सकता है. इस दिन हर हाल में खुद को संयम में रखें और कोशिश करें कि घर का माहौल शांतिपूर्ण बना रहे.
3. पुराने या गंदे कपड़े न पहनें
कजरी तीज पर साफ सुथरे या नए कपड़े पहनने का रिवाज होता है. खासकर महिलाएं इस दिन सोलह श्रृंगार करती हैं. इस दिन पुराने, फीके या मैले कपड़े पहनने से पूजा का प्रभाव घट सकता है.
मांसाहार, मदिरा, प्याज़ और लहसुन जैसी चीजें इस दिन नहीं खानी चाहिए. व्रत के दिन तो इनसे पूरी तरह दूर रहना ही चाहिए, लेकिन यहां तक कि व्रत खोलने के बाद भी हल्का, पवित्र और सात्विक खाना ही खाएं.
कजरी तीज पर दिन में सोना मना होता है. ऐसा माना जाता है कि दिन में सोने से व्रत का फल कम हो जाता है. इस दिन मन लगाकर भक्ति में समय बिताएं और शिव पार्वती की कथा सुनें.
व्रत कैसे रखें: आसान तरीका
–पूजा का स्थान साफ करें
–सूरज उगने से पहले सरगी खाएं (अगर परंपरा में है तो)
–रात को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलें


