Hanuman ji ki patni ka naam: क्या हनुमान जी ने की थी शादी? पराशर संहिता में वर्णित अद्भुत कथा, जानें उनकी पत्नी का नाम
सूर्यदेव से विद्या सीखने के लिए रखी गई थी एक शर्त
हनुमान जी ने भगवान सूर्य को अपना गुरु बनाया था. वे सूर्यदेव से नौ प्रकार की दिव्य विद्याएं सीखना चाहते थे, लेकिन सिखाने के दौरान एक अड़चन आ गई. दरअसल, इन नौ विद्याओं में से चार ऐसी थीं, जिन्हें सिर्फ कोई विवाहित व्यक्ति ही सीख सकता था. सूर्यदेव नियमों के बहुत पक्के थे, वो ब्रह्मांड की मर्यादा तोड़ नहीं सकते थे.
सूर्यपुत्री सुवर्चला से हुआ विवाह
हनुमान जी ने बहुत सोच-विचार के बाद यह तय किया कि वे अपने गुरु के कहने पर विवाह करेंगे, लेकिन यह रिश्ता सिर्फ ज्ञान प्राप्ति तक सीमित रहेगा. इस शर्त पर सूर्यदेव ने अपनी तेजस्वी और तपस्वी पुत्री सुवर्चला से हनुमान जी का विवाह करवाया. सुवर्चला भी साधना में लीन रहने वाली थीं, उन्हें भी सांसारिक बंधनों से कोई मतलब नहीं था. ऐसे में दोनों ने यह विवाह सिर्फ एक उद्देश्य के लिए किया-ज्ञान की प्राप्ति और धर्म की रक्षा.
पराशर संहिता में इस बात का साफ़ उल्लेख है कि हनुमान जी को भविष्य में कलियुग के दौरान धर्म की रक्षा करनी थी. इसके लिए उन्हें सम्पूर्ण ज्ञान की जरूरत थी, जो सिर्फ विवाहित व्यक्ति को ही मिल सकता था. यही वजह थी कि उन्होंने ये विवाह स्वीकार किया.
तेलंगाना का वो मंदिर जहां हनुमान जी अपनी पत्नी के साथ विराजमान हैं
भारत में हनुमान जी के हजारों मंदिर हैं, लेकिन एक मंदिर ऐसा भी है, जहां वे अपनी पत्नी के साथ विराजमान हैं, ये मंदिर तेलंगाना के खम्मम जिले में स्थित है. यहां हनुमान जी और देवी सुवर्चला की एक साथ मूर्ति स्थापित है. इस मंदिर को देखने दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं. लोगों की मान्यता है कि यहां दर्शन करने से पति-पत्नी के बीच की दूरियां खत्म हो जाती हैं और प्रेम बढ़ता है.


