9 अप्रैल को हुआ है बच्चे का जन्म, तो यहां जानिए कौन से शुभ अक्षर से रखें नाम
अयोध्या: सनातन धर्म ज्योतिष शास्त्र का सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव भी होता है. ज्योतिष गणना के अनुसार ही व्यक्ति के भविष्य और कुंडली का आकलन ज्योतिषी करते हैं. इतना ही नहीं प्रतिदिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में बदलाव भी होता है जिसका प्रभाव जन्म लेने वाले बच्चों से लेकर मृत्यु तक देखने को मिलता है. ऐसी स्थिति में आज 9 अप्रैल है और आज के दिन ग्रह नक्षत्र की स्थिति में कैसा परिवर्तन होगा. आज के दिन जन्मे बच्चे पर क्या प्रभाव पड़ेगा. नामकरण संस्कार के लिए किस अक्षर से करना शुभ रहेगा. तो चलिए अयोध्या के आचार्य से विस्तार से समझते हैं.
9 अप्रैल 2026 को जन्म वाले बच्चे का नक्षत्र
दरअसल, अयोध्या के आचार्य सीताराम दास ने बताया कि 9 अप्रैल 2026 को जन्म लेने वाले बच्चों के लिए ग्रह-नक्षत्र की दृष्टि से दिन विशेष महत्व रखता है. इस दिन प्रारंभ में मूल नक्षत्र और उसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा. दोनों नक्षत्र वैदिक ज्योतिष में अपने-अपने विशेष गुणों के लिए जाने जाते हैं. साथ ही यह दिन गुरुवार है, जिसका स्वामी ग्रह गुरु (बृहस्पति) माना जाता है. गुरु का संबंध ज्ञान, धर्म, संस्कार, शिक्षा, सद्बुद्धि और समृद्धि से होता है, इसलिए इस दिन जन्म लेने वाले बच्चों में बौद्धिक क्षमता, सीखने की इच्छा और संतुलित व्यक्तित्व विकसित होने की संभावना मानी जाती है.
जिज्ञासु, साहसी, नेतृत्व की क्षमता
मूल नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों को सामान्यत जिज्ञासु, साहसी, गहराई से सोचने वाला और सत्य की खोज करने वाला माना जाता है. ऐसे बच्चे जीवन में किसी भी विषय को सतही रूप से नहीं लेते, बल्कि उसकी जड़ तक जाने का प्रयास करते हैं. इनमें परिस्थितियों को समझने और कठिन समय में भी धैर्य बनाए रखने की क्षमता होती है. कई बार मूल नक्षत्र के जातक अपने निर्णयों में दृढ़ होते हैं और जीवन में अपने दम पर आगे बढ़ने की इच्छा रखते हैं. इनके भीतर नेतृत्व की क्षमता भी देखी जाती है.
इसके बाद आने वाला पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र आत्मविश्वास, उत्साह, रचनात्मकता और सामाजिक प्रभाव से जुड़ा माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले बच्चों का स्वभाव मिलनसार हो सकता है.वे अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने वाले, नई चीज़ें सीखने वाले और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित माने जाते हैं. इनमें आगे चलकर कला, शिक्षा, प्रशासन, लेखन या सार्वजनिक जीवन में रुचि विकसित हो सकती है.
गुरुवार के दिन जन्म होने से गुरु ग्रह का प्रभाव बच्चे के जीवन में नैतिकता, धार्मिक झुकाव और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत कर सकता है. ऐसे बच्चों के लिए नामकरण करते समय शुभ ध्वनि और संतुलित अक्षर चुनना शुभ माना जाता है, ताकि नाम में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे.
नामकरण के शुभ अक्षर
ज्योतिषीय परंपरा के अनुसार मूल नक्षत्र के लिए नाम के प्रारंभिक अक्षर ये, यो, भा, भी, भू, ध, भ शुभ माने जाते हैं. वहीं पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के लिए भू, ध, फ, ढ अक्षर उपयुक्त माने जाते हैं.


