3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत, जानें क्यों जरूरी है प्रथम पूजा और रजिस्ट्रेशन कब से श

3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत, जानें क्यों जरूरी है प्रथम पूजा और रजिस्ट्रेशन कब से श

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3 जुलाई से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत, जानें क्यों जरूरी है प्रथम पूजा और महत्व

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Amarnath Yatra 2026: बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खबर आ रही है. पवित्र अमरनाथ यात्रा की शुरुआत की तारीख का ऐलान हो गया है. इसके साथ कब प्रथम पूजा होगी और रजिस्ट्रेशन कब से शुरू कर सकते हैं, इसका भी ऐलान हो गया है. अमरनाथ यात्रा में प्रथम पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. आइए जानते हैं अमरनाथ यात्रा के लिए क्यों जरूरी है प्रथम पूजा और रजिस्ट्रेशन कब शुरू…

Amarnath Yatra Date 2026: पवित्र अमरनाथ यात्रा इस साल 3 जुलाई दिन शुक्रवार से शुरू होने जा रही है और 29 जून को प्रथम पूजा की जाएगी. अमरनाथ यात्रा की प्रथम पूजा हमेशा ज्येष्ठ पूर्णिमा पर पवित्र गुफा में संपन्न की जाती है. इस पूजा के साथ 57 दिवसीय वार्षिक यात्रा का औपचारिक आगाज हो जाता है. हर साल लाखों श्रद्धालु इस कठिन लेकिन अत्यंत पवित्र यात्रा में भाग लेते हैं और भगवान भगवान शिव के हिमलिंग के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. इस पवित्र यात्रा का रजिस वहीं अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा और यह यात्रा कुल 57 दिनों तक चलने वाली है. आइए जानते हैं अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन कब से शुरू होगा…

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, यात्रा से पहले भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए प्रथम पूजा 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन आयोजित की जाएगी. यह पूजा यात्रा की आधिकारिक शुरुआत से पहले एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान मानी जाती है. इस विशेष पूजा में उपराज्यपाल, संत-महात्मा और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होते हैं. साथ ही बाबा अमरनाथ से यात्रा के सफल, सुरक्षित और निर्विघ्न संचालन की प्रार्थना की जाती है. प्रथम पूजा के बाद ही आम श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग खोल दिया जाता है. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसे यात्रा की आध्यात्मिक नींव माना जाता है.

वहीं, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अनुसार, यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होगा. श्रद्धालु इस तारीख से अपनी यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे. हालांकि, आमतौर पर यात्रा की तय तारीख से कुछ दिन पहले एडवांस रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया जाता है, इसलिए श्रद्धालुओं को समय रहते पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है. गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग, जिसे बाबा बर्फानी कहा जाता है, आस्था का मुख्य केंद्र है.

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धार्मिक दृष्टि से अमरनाथ यात्रा का विशेष महत्व है. अमरनाथ गुफा को हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है. मान्यता है कि इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमर कथा यानी अमरत्व का रहस्य सुनाया था. कहा जाता है कि इस दौरान वहां मौजूद कबूतरों की एक जोड़ी ने भी इस कथा को सुन लिया था और वे आज भी अमर माने जाते हैं. कई श्रद्धालु आज भी गुफा के आसपास इन कबूतरों के दर्शन होने का दावा करते हैं. समुद्र तल से लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और साहस का प्रतीक है.

हर साल लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में भाग लेते हैं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है. बता दें कि पिछले साल भी आधिकारिक रूप से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत 3 जुलाई को हुई थी. उस समय यह यात्रा 38 दिनों तक चली और 9 अगस्त 2025 (रक्षाबंधन के दिन) को समाप्त हुई थी.

amarnath yatra 2026

अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त दिन शुक्रवार को रक्षा बंधन के पर्व होना भी विशेष महत्व रखता है. यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और रक्षा के वचन का प्रतीक है. इसी प्रकार भगवान शिव अपने भक्तों की रक्षा और कल्याण का आशीर्वाद देते हैं. इस दिन यात्रा के समापन को शुभ और मंगलकारी माना जाता है.

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