होलिका दहन 2026 की रात करें ये 3 उपाय, ऐसे उतारें बच्चे की नजर, जानें असरदार परंपरागत टोटक

होलिका दहन 2026 की रात करें ये 3 उपाय, ऐसे उतारें बच्चे की नजर, जानें असरदार परंपरागत टोटक

Holika Dahan 2026: होली की रात जब अग्नि की लपटें आसमान को छूती हैं, तो सिर्फ लकड़ियां ही नहीं जलतीं लोग अपनी चिंताएं, डर और नकारात्मकता भी उसी आग में सौंप देते हैं. खासकर माता-पिता के लिए यह रात और भी खास होती है. अगर बच्चे बार-बार बीमार पड़ रहे हों, बिना वजह रोते हों या अचानक चिड़चिड़े हो गए हों, तो घर की दादी-नानी तुरंत कहती हैं “नज़र लग गई है.” होलिका दहन को ऐसी नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति पाने का शुभ अवसर माना जाता है. परंपरा और आस्था के मेल से जुड़े ये छोटे-छोटे उपाय आज भी कई घरों में पूरे विश्वास के साथ किए जाते हैं.

होलिका दहन और आस्था का रिश्ता
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान ने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया. होलिका का दहन इसी विजय का प्रतीक है. तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि इस अग्नि में नकारात्मक शक्तियां भी भस्म हो जाती हैं.

ग्रामीण इलाकों से लेकर महानगरों तक, लोग आज भी होलिका की अग्नि को शुद्ध और शक्तिशाली मानते हैं. कई परिवारों में यह रात बच्चों की नज़र उतारने के लिए खास मानी जाती है. मान्यता है कि इस दिन किया गया छोटा-सा उपाय भी गहरा असर छोड़ता है.

बच्चों को लगी बुरी नज़र के संकेत
अचानक व्यवहार में बदलाव
अगर बच्चा बिना कारण रो रहा हो, दूध पीने से मना कर दे या रात में डरकर उठ जाए, तो बड़े-बुजुर्ग इसे नज़र का प्रभाव मानते हैं. कई बार डॉक्टर से जांच कराने पर सब सामान्य निकलता है, लेकिन फिर भी बच्चा बेचैन रहता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

बार-बार बीमार पड़ना
कुछ माता-पिता बताते हैं कि त्योहारों या किसी खास मौके के बाद बच्चे को बुखार या उल्टी जैसी समस्या हो जाती है. इसे भी पारंपरिक रूप से “नज़र लगना” कहा जाता है.

होलिका दहन पर करें ये सरल उपाय
1. सरसों और नमक से उतारें नज़र
होलिका दहन की आग जलने से पहले या बाद में, एक मुट्ठी सरसों, थोड़ा सा नमक और सात साबुत लाल मिर्च लें. इन्हें बच्चे के सिर से सात बार घुमाकर होलिका की अग्नि में डाल दें. मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है.

2. नारियल का उपाय
एक साबुत नारियल बच्चे के ऊपर से उतारकर होलिका में अर्पित करें. ध्यान रहे, यह काम शांत मन से और बच्चे के नाम का स्मरण करते हुए करें. कई परिवारों में यह उपाय पीढ़ियों से चला आ रहा है.

3. काली उड़द और कपूर
काली उड़द और कपूर को साथ में लेकर बच्चे की नज़र उतारें और अग्नि में समर्पित कर दें. कहा जाता है कि कपूर की धुंआ ऊर्जा को शुद्ध करता है.

आस्था के साथ सावधानी भी जरूरी
हालांकि ये उपाय पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं, लेकिन अगर बच्चा लगातार बीमार हो रहा है या गंभीर लक्षण दिखा रहा है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है. आस्था और चिकित्सा दोनों का संतुलन ही समझदारी है.

आज के समय में भले ही लोग विज्ञान को प्राथमिकता देते हों, लेकिन त्योहारों से जुड़ी भावनाएं और परंपराएं अब भी दिलों में बसी हैं. होलिका दहन सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि परिवार को जोड़ने और सकारात्मक सोच को अपनाने का अवसर भी है. जब पूरा परिवार अग्नि के चारों ओर एक साथ खड़ा होता है, तो विश्वास अपने आप मजबूत हो जाता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Source link

You May Have Missed