हिंदू नववर्ष पर 70 साल बाद दुर्लभ संयोग, पर रुद्र संवत्सर भारी! युद्ध, आर्थिक संकट और…

हिंदू नववर्ष पर 70 साल बाद दुर्लभ संयोग, पर रुद्र संवत्सर भारी! युद्ध, आर्थिक संकट और…

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Hindu Navvarsh 2026: इस बार हिंदू नववर्ष की शुरुआत 72 साल बाद बनने वाले बेहद दुर्लभ योग में हो रही है. इस संवत्सर का नाम रौद्र है, जिसका प्रभाव भी भयानक पड़ने की बात कही जा रही है. इस स्थिति के कारण देश में आगजनी, संघर्ष और ग्रह युद्ध जैसे हालात बनने की संभावना है. जानें और…

Hindu Navvarsh 2026: 1 जनवरी अंग्रेजी नववर्ष से भले ही लोगों के घरों में कैलेंडर बदल जाता हो, लेकिन हिंदू समाज में नववर्ष की शुरुआत गुड़ी पड़वा से ही मानी जाती है. इस साल 19 मार्च 2026 को चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि से नया संवत्सर शुरू होगा. इसी दिन से चैत्र नवरात्रि भी प्रारंभ होगी. हालांकि, ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार हिंदू नववर्ष कई मायनों में खास तो है, लेकिन ग्रहों की स्थिति को लेकर चिंता भी जताई जा रही है. बताया जा रहा कि इस बार माता दुर्गा का आगमन पालकी पर हो रहा है और ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं है, जिसके कारण देश-दुनिया में संघर्ष, आर्थिक संकट और राजनीतिक उथल-पुथल के योग बन रहे हैं.

माता की सवारी नहीं दे रही शुभ संकेत
खरगोन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. बसंत सोनी ने Local18 से बताया कि इस बार हिंदू नववर्ष की शुरुआत 72 साल बाद बनने वाले बेहद दुर्लभ योग में हो रही है. इस दिन शुक्ल योग, ब्रह्म योग और सर्वार्थ सिद्ध योग एक साथ बन रहे हैं, जो अपने आप में खास संयोग हैं. लेकिन, साथ ही एक चिंता की बात भी है कि गुड़ी पड़वा के दिन माता दुर्गा का आगमन पालकी पर हो रहा है, जिसे शुभ संकेत नहीं माना जाता.

देश-दुनिया दिखने लगा प्रभाव
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, जब नवरात्रि में माता दुर्गा पालकी पर सवार होकर आती हैं तो इसे सामान्यतः अच्छा संकेत नहीं माना जाता. इसका असर देश-दुनिया पर नकारात्मक रूप में देखा जाता है. उनका कहना है कि ऐसे समय में आर्थिक संकट, संघर्ष और सामाजिक अस्थिरता बढ़ने की संभावना रहती है. उन्होंने दावा किया कि इसकी शुरुआती झलक अभी से देखने को मिल रही है, जहां वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी के संकेत दिखाई दे रहे हैं और पेट्रोल, डीजल व गैस जैसी चीजों को लेकर भी कई जगह अस्थिरता देखी जा रही है.

राहु-मंगल की युति और रौद्र संवत्सर 
ज्योतिषी डॉ. सोनी ने बताया कि इस बार 19 मार्च से रौद्र नाम का संवत्सर शुरू हो रहा है. ज्योतिष में रौद्र संवत्सर को उग्र और संघर्षपूर्ण माना जाता है. उन्होंने कहा कि इस समय लग्न में मंगल के साथ राहु की युति बन रही है, जिसे ज्योतिष में अशुभ माना जाता है. इस स्थिति के कारण देश में आगजनी, संघर्ष और ग्रह युद्ध जैसे हालात बनने की संभावना बताई जा रही है. साथ ही सरकार, शासक और जनता के बीच आपसी विचारों का टकराव भी बढ़ सकता है.

भारत में स्थिति नियंत्रण में रहने के संकेत
हालांकि, ज्योतिषाचार्य का कहना है कि इन तमाम संभावनाओं के बावजूद अन्य देशों की तुलना में भारत में स्थिति अपेक्षाकृत नियंत्रण में रह सकती है. उन्होंने इसके पीछे देश के प्रधानमंत्री की कुंडली को एक कारण बताया. उनके अनुसार प्रधानमंत्री का धार्मिक स्वभाव और नवरात्रि में नौ दिन का व्रत, जाप और पूजा-पाठ देश पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कुछ हद तक कम कर सकता है.

बड़े युद्ध और नेता की मृत्यु की आशंका
हालांकि, ज्योतिषीय गणना के आधार पर यह भी कहा जा रहा कि इस नवरात्रि के आसपास वैश्विक स्तर पर बड़े संघर्ष या युद्ध की स्थिति बन सकती है. साथ ही किसी बड़े राजनेता की मृत्यु की संभावना भी जताई जा रही है. डॉ. सोनी के मुताबिक, राहु-मंगल की युति और देश की राजनीतिक परिस्थितियों के कारण कई तरह के तनावपूर्ण हालात बन सकते हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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