हर पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य में क्यों किया जाता है हवन? जानें कारण और इसका महत्व

हर पूजा-पाठ और मांगलिक कार्य में क्यों किया जाता है हवन? जानें कारण और इसका महत्व

हाइलाइट्स

हिंदू धर्म में किसी भी विशेष पूजा-पाठ और कथा के बाद हवन करने का महत्व है.हवन करने से ही पूजा को पूर्ण माना जाता है.

Hawan Importance: हिंदू धर्म में किसी भी विशेष पूजा-पाठ और कथा के बाद हवन करने का महत्व है. हवन करने से ही पूजा को पूर्ण माना जाता है. कहा जाता है कि जिस घर में हवन होता रहता है वहां का वातावरण शुद्ध व सकारात्मक बना रहता है, क्योंकि इसमें मंत्रोच्चारण के साथ-साथ अग्नि में आहुतियां डाली जाती हैं. जो कि घर को पवित्र बनाती हैं. हवन के बारे में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.

पारंपरिक हिंदू अनुष्ठान में इसे होम के नाम से भी जाना जाता है. बता दें कि, मानव शरीर के निर्माण के लिए जो पांच प्राथमिक घटक हैं उनमें से एक अग्नि को प्रमुख घटक माना जाता है. जो कि हवन या होम के माध्यम से हम सब में महत्व रखता है. इसके आलावा आइए हवन के महत्व और लाभ के बारे में जानते हैं.

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क्या होता है हवन?
सूर्य देवता साक्षात देव और ऊर्जा के स्त्रोत हैं, वहीं अग्नि और सभी अग्नि तत्वों को सूर्य की शक्ति के प्रतीक के रूप में माना जाता है. वहीं हिंदू गुरु और पौराणिक कथाओं में अग्नि देव का माध्यम बनाकर मंदिरों, घरों और सभी मांगलिक कार्यों में पूजा-पाठ के बाद हवन कर शुद्धिकरण संस्कार किया जाता है.

हिंदू ग्रंथों के अनुसार, अग्नि देव को जो भी वस्तु हम पेश करते हैं या सरल भाषा में कहें कि हम उन्हें जो भी अर्पित करते हैं व साक्षात सूर्य देव को पहुंचती है. जब हम मंत्रों का उच्चारण करते हुए, अग्नि में घी, चावल, सूखे मेवे, शहद, जड़ी-बूटियां और लकड़ी की आहुति देते हैं तो इस प्रक्रिया को हवन कहा जाता है. इस अनुष्ठान को करने के लिए हम ‘हवन कुंड’ का उपयोग करते हैं.

हवन के लाभ
1. हवन करने से ना सिर्फ हमारे घर में बल्कि आसपास के वातावरण में भी यह हवा को साफ करता है और इसके परिणामस्वरुप यह हमारे शरीर और दिमाग से दूषित पदार्थों का नाश कर उन्हें शुद्ध करता है.

2. हवन करने से आपका मन एकाग्र रहता है और इससे मन-मस्तिष्क से सभी बुरे विचार अग्नि में चले जाते हैं और मनचाहे बरे विचरों से मुक्ति मिलती है. क्योंकि संस्कृत के दिव्य मंत्रों के लगातार उच्चारण करने से मन भी शुद्ध हो जाता है.

3. हवन करने से परिवार और सामाजिक एकजुटता बनी रहती है व आपस में शांति, प्यार बना रहता है. क्योंकि हवन करते समय परिवार के सभी सदस्य एक साथ शामिल होकर अग्नी को आहुति देते हैं.

4. कहा जाता है ना कि जब मन व घर का वातावरण शुद्ध होता है तो जीवन में सफलता व सुख-समृद्धि अपने आप चली आती है. उसी प्रकार हवन करने से माहौल में शुद्धता आती है और इसके साथ ही व्यक्ति के जीवन में फायनेंशियल व पारिवारिक सुख आते हैं.

हवन का महत्व
विद्वान पंडित बताते हैं कि हवन सिर्फ एक कर्मकांड नहीं है बल्कि यह सृष्टि को चलाने वाली सभी शक्तियों से जुड़ने और उन्हें धन्यवाद करने का माध्यम है. अक्सर लोगों को हवन करने के बाद मन में शुद्धि व जीवन में प्रभावशाली परिवर्तन महसूस होता है.

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जैसा कि हम सब जानते हैं कि मानव शरीर पांच तत्वों आकाश, जल, अग्नि, वायु व पृथ्वी के संयोजन से बना है उसी प्रकार सृष्टि के निर्माण के लिए पांच मूल तत्वों आकाश, जल, अग्नि, वायु व पृथ्वी का संयोजन हुआ है. लेकिन इन सभी तत्वों में अग्नि का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि अन्य सभी तत्व प्रदूषित हो सकते हैं, लेकिन अग्नि को प्रदूषित नहीं किया जा सकता. इसलिए इसे पवित्र माना जाता है.

Tags: Astrology, Dharma Aastha

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