हनुमान जयंती पर करें हनुमान जी की आरती, आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की

हनुमान जयंती पर करें हनुमान जी की आरती, आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की

Hanuman Ji Ki Aarti In Hindi: हनुमान जयंती आज है. पवनपुत्र हनुमान जी की जन्म चैत्र पूर्णिमा तिथि को हुआ था. उनकी माता का नाम अंजना और पिता का नाम केसरी था, पवन देव उनके धर्म पिता हैं, इसलिए उनको पवनपुत्र कहा जाता है. वीर हनुमान जी रुद्रावतार हैं, जिनका जन्म प्रभु राम की सेवा के लिए हुआ था. वे उनके संकटमोचन थे. उन्होंने सीता जी की खोज और लंका युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी. आज हनुमान जयंती के अवसर पर व्रत रखकर हनुमान जी की पूजा विधि विधान से करें. पूजा के अंत में हनुमान जी की आरती घी के दीपक या कपूर से करें. हनुमान जी की आरती की शुरूआत आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की…से होता है. यदि आपको हनुमान जी की आरती याद नहीं है, तो परेशान न हों, आप नीचे दी गई आरती को पढ़कर अपनी पूजा संपन्न कर सकते हैं.

हनुमान जी की आरती (Hanuman Aarti Lyrics In Hindi)

आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

जाके बल से गिरिवर कांपे।
रोग दोष जाके निकट न झांके॥ आरती कीजै हनुमान…

अंजनि पुत्र महा बलदाई।
सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥ आरती कीजै हनुमान…

दे बीरा रघुनाथ पठाए।
लंका जारि सिया सुधि लाए॥ आरती कीजै हनुमान…

लंका सो कोट समुद्र-सी खाई।
जात पवनसुत बार न लाई॥ आरती कीजै हनुमान…

लंका जारि असुर संहारे।
सियारामजी के काज सवारे॥ आरती कीजै हनुमान…

लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे।
आनि संजीवन प्राण उबारे॥ आरती कीजै हनुमान…

पैठि पाताल तोरि जम-कारे।
अहिरावण की भुजा उखारे॥ आरती कीजै हनुमान…

बाएं भुजा असुरदल मारे।
दाहिने भुजा संतजन तारे॥ आरती कीजै हनुमान…

सुर नर मुनि आरती उतारें।
जय जय जय हनुमान उचारें॥ आरती कीजै हनुमान…

कंचन थार कपूर लौ छाई।
आरती करत अंजना माई॥ आरती कीजै हनुमान…

जो हनुमानजी की आरती गावे।
बसि बैकुण्ठ परम पद पावे॥ आरती कीजै हनुमान…

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