सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास खत्म, कर सकेंगे ये 4 शुभ काम, फिर भी शादी-विवाह पर रोक क्यों जानें
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सूर्य जब गुरु ग्रह की राशियों में गोचर करते हैं, तब खरमास लग जाता है. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास का समापन हो जाएगा और धार्मिक व शुभ कार्य बिना किसी परेशानी के कर सकेंगे. लेकिन इसके बाद भी शादी-विवाह जैसे मांगिलक कार्यक्रमों पर रोक लगी रहेगी. आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह…
सूर्य जब धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है और इसी दिन से खरमास का समापन भी हो जाता है. खरमास के खत्म हो जाने के बाद से ही फिर से नए और मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाएंगे. जो शुभ कार्य आपके काफी समय से अटके हुए थे, उनको पूरा करने का मौका मिलेगा. दरअसल मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं अर्थात इसके बाद देवताओं का दिन प्रारंभ हो जाता है. लेकिन मकर संक्रांति से शुभ कार्य तो आप कर सकेंगे लेकिन शादी विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रम के लिए आपको इतंजार करना पड़ सकता है. अगर आप सोच रहे हैं कि खरमास क्या होता है और इसके खत्म होने के बाद कौन-कौन से काम कर सकते हैं, तो इसे ऐसे समझें.

खरमास साल में दो बार आता है. पहली बार जब सूर्य धनु राशि में और दूसरी बार जब सूर्य मीन राशि में होते हैं. पिछले महीने यानी 16 दिसंबर 2025 से सूर्य देव धनु राशि में विराजमान हैं. इस समय ज्यादातर लोग शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, नए व्यापार या बड़े निवेश जैसे शुभ काम टाल देते हैं. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि धनु और मीन राशि गुरु बृहस्पति की होती हैं. जब सूर्य इन राशियों में होते हैं तो उनका शुभ प्रभाव कम हो जाता है और इस अवधि में किए गए कामों का पूरा फल नहीं मिलता.

लेकिन अच्छी बात यह है कि 14 जनवरी 2026 को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे तो खरमास का समापन भी हो जाएगा. साथ ही इस दिन मकर संक्रांति का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है. सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही शुभ और मांगलिक काम फिर से शुरू हो जाएंगे. सबसे पहले, गृह प्रवेश और नए घर की खरीद-बिक्री का समय शुभ है. अगर आप लंबे समय से घर की प्लानिंग कर रहे थे तो अब घर में प्रवेश कर सकते हैं.
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दूसरा, मुंडन, नामकरण या किसी बच्चे से जुड़े धार्मिक कार्य अब आसानी से कर सकते हैं. पुराने दिनों में टाले गए ये कार्य अब शुभ फल देंगे. तीसरा, व्यापार और नौकरी से जुड़े निर्णय भी लिए जा सकते हैं. नए बिजनेस की शुरुआत, निवेश, ऑफिस या दुकान खोलना, इन सब से जुड़े निर्णय लेने का सही समय है. चौथा, धार्मिक कार्य और पूजा-पाठ अब और भी लाभकारी होंगे. घर में हवन, पूजा, मंदिर में दान या नए भगवान की मूर्ति स्थापना, सब कुछ अब कर सकते हैं.

एक बात ध्यान रहे, शादी और सगाई के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है. क्योंकि शुक्र ग्रह अभी अस्त है और यह ग्रह विवाह, प्रेम और दांपत्य सुख से जुड़े होते हैं. शुक्र का उदय 1 फरवरी 2026 को होगा. तब से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे. शादी-विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का होना बहुत जरूरी होता है. इन दोनों में से अगर कोई एक भी नहीं है तो शादी-विवाह के कार्यक्रमों पर रोक लग जाती है.


