शरीर के गंध से जानें कैसे हैं आप? भोगी, भाग्यहीन या दरिद्र, सामुद्रिक शास्त्र में वर्णन

शरीर के गंध से जानें कैसे हैं आप? भोगी, भाग्यहीन या दरिद्र, सामुद्रिक शास्त्र में वर्णन

Personality by Body Odor: सामुद्रिक शास्त्र में व्यक्ति के शरीर की बनावट और गंध से उसके व्यक्तित्व के बारे में बताया गया है. स्त्री और पुरुष दोनों के शरीर के बारे में भी अलग-अलग वर्णन किया गया है. आज हम सामुद्रिक शास्त्र की मदद से जानते हैं शरीर के गंध से मनुष्य का व्यक्तित्व कैसे होता है? सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि आप शरीर के गंध से जान सकते हैं कि व्यक्ति भोगी किस्म का है, भाग्यहीन है या फिर धनहीन, दरिद्र है.

शरीर के गंध से व्यक्ति की पहचान

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, यदि किसी महिला या पुरुष के शरीर से कपूर, चंदन, कस्तूरी या चमेली जैसी गंध आती है, तो वे लोग भोगी होते हैं. उनके पास जो भी सुख के साधन हैं, उनका वे भोग करते हैं.

ऐसे ही जिस व्यक्ति के शरीर से अगरु यानि एक्वीलेरिया के पेड़ जैसी अत्यंत सुगंधित गंध आए या फिर आबनूस यानि तेंदू के पत्ते जैसी गंध आए तो वे लोग भी भोगी कहे गए हैं.

जिन लोगों के शरीर से हाथी के मद समान गंध निकली है, वे लोग भी भोगी होते हैं. हाथी का मद नर हाथियों में एक जैविक प्रक्रिया के तहत होता है, जिसमें उनके अंदर टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य से 15 गुना अधिक हो जाता है.

इन गंधों के अलावा जो गंध बताए गए हैं, वे नकारात्मकता को दिखाने वाले होते हैं.

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, जिस भी स्त्री या पुरुष के शरीर से खून, चर्बी या नीम के समान गंध आती है, वे लोग भाग्यहीन, धनहीन और दरिद्र बताए गए हैं.

जिन लोगों के शरीर की गंध मछली के अंडे, कौआ के अंडे या बगुला से मिलती-जुलती है, उन लोगों को भी दरिद्र और दुर्भाग्यशाली कहा गया है.

सामुद्रिक शास्त्र में स्त्री और पुरुषों के लक्षणों के बारे में अलग-अलग वर्णन किया गया है. लक्षणों के आधार पर 5 प्रकार के पुरुष बताए गए हैं, ऐसे ही गुण और अवगुणों के आधार 5 प्रकार की महिलाओं के बारे में बताया गया है.

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