शनि की साढ़ेसाती का बड़ा असर! इन राशियों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें उपाय
Last Updated:
Shani Ki Sade Sati Remedies: शनि की साढ़ेसाती का नाम सुनते ही अक्सर लोग डर जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि न्याय के देवता शनि देव केवल दंड ही नहीं, बल्कि अपार सफलता भी देते हैं? पंडित दामोदर जोशी के अनुसार, 19 मार्च से शुरू हो रहे हिंदू नव वर्ष में मेष, वृषभ और मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का विशेष प्रभाव रहने वाला है. आखिर क्यों इस साढ़े सात साल की अवधि को जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है और कौन से वो अचूक उपाय हैं जो शनि देव के क्रोध को आशीर्वाद में बदल सकते हैं. आइए जानते हैं.
Shani Ki Sade Sati Remedies: ज्योतिष शास्त्र में शनि की साढ़ेसाती को मनुष्य के जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली समय माना जाता है. जब शनि ग्रह किसी व्यक्ति की जन्म राशि से एक राशि पहले, फिर उसी राशि में और अंत में उसके बाद वाली राशि में गोचर करता है, तो यह कुल साढ़े सात साल की अवधि बनती है, जिसे ‘साढ़ेसाती’ कहा जाता है. इस दौरान व्यक्ति को जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में कड़ी चुनौतियों और बड़े उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि, शनि देव को कर्म और न्याय का देवता माना जाता है, इसलिए यह समय केवल कष्टकारी ही नहीं होता, बल्कि मेहनत करने वालों को बड़ी सफलता और जीवन के गहरे सबक भी सिखाता है.
इस वर्ष किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव?
पंडित दामोदर जोशी के अनुसार 19 मार्च से शुरू हो रहे हिंदू नव वर्ष में कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती का विशेष प्रभाव रहेगा. उन्होंने बताया कि इस साल मेष राशि, वृषभ राशि और मीन राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती का असर देखने को मिल सकता है. ऐसे में इन राशियों के लोगों को सावधानी के साथ कुछ धार्मिक उपाय करने की सलाह दी जाती है.
शनि की साढ़ेसाती के लिए उपाय
शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार का दिन विशेष माना जाता है. इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद पीपल के पेड़ पर जल अर्पित करें. और उसके नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है. इसके अलावा शनिवार के दिन काले तिल, उड़द की दाल और काले कपड़े का दान. करना भी शुभ माना जाता है. जरूरतमंद लोगों को लोहे की वस्तुएं जैसे कढ़ाई या चाकू का दान करना भी शनि दोष को कम करने का एक अच्छा उपाय माना जाता है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार शनि देव की कृपा पाने के लिए हनुमान चालीसा और शनि चालीसा का पाठ करना भी लाभकारी होता है. शनिवार के दिन मीठा भोग लगाकर भजन और मंत्र जाप करने से सकारात्मक फल मिल सकते हैं. शनि देव को प्रसन्न करने के लिए एक विशेष मंत्र भी बताया गया है, जिसमें शनि देव के दस नामों का स्मरण किया जाता है-
नमस्ते कोणसंस्थाय पिंगलाय नमोस्तुते।
नमस्ते वभ्रूरूपाय कृष्णाय च नमोस्तु ते॥
नमस्ते रौद्रदेहाय नमस्ते चान्तकाय च।
नमस्ते यमसंज्ञाय नमस्ते सौरये विभो॥
नमस्ते यंमदसंज्ञाय शनैश्वर नमोस्तुते।
प्रसादं कुरु देवेश दीनस्य प्रणतस्य च
ये शनि मंत्र बेहद शुभ
इसके अलावा यदि आप यह कठिन मंत्र यदु नहीं बोल सकते तो प्रतिदिन “ॐ शनिश्चराय नमः” मंत्र का 108 बार यानी एक माला जाप करना भी बहुत शुभ माना जाता है. श्रद्धा और विश्वास के साथ इन उपायों को करने से शनि देव की कृपा प्राप्त हो सकती है और जीवन की परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.
About the Author
सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें


