रिक्ता तिथियां कौन सी हैं? इनको क्यों माना जाता है अशुभ, शिव जी की चतुर्दशी तिथि भी शामिल, लेकिन इनमें कर सकते हैं ये काम
Rikta Tithi Kya Hoti Hai: हिंदी कैलेंडर या हिंदू पंचांग में 30 तिथियां होती हैं, जिसमें कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा से अमावस्या तक 15 तिथियां और शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से पूर्णिमा तक 15 तिथियां होती हैं. इनमें हर तिथि के अपने प्रतिनिधि देव होते हैं और उस दिन उनकी पूजा करते हैं. चतुर्थी, एकादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या और पूर्णिमा तिथियां व्रत, स्नान, दान और पूजा-पाठ के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं. इन 15 तिथियों में कुछ रिक्ता तिथियां होती हैं, जिनको अशुभ माना जाता है. उसमें कुछ काम कर सकते हैं, तो कुछ को करने की मनाही होती है. आइए जानते हैं रिक्ता तिथियां कौन सी हैं? रिक्ता तिथियों में कौन से काम करने चाहिए और कौन से काम न करें?
रिक्ता तिथियां कौन सी हैं?
पंडित वीरेंद्र शुक्ला के अनुसार, पंचांग की चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी तिथियों को रिक्ता तिथि कहते हैं. इन तिथियों को अशुभ माना जाता है. इनको ब्लैंक डेट्स कहा जाता है. हर तिथि की अपनी एक ऊर्जा होती है, जो लोगों और आसपास की घटनाओं पर अपना प्रभाव डालती है.
सबसे पहले बात करते हैं चतुर्थी तिथि के बारे में. चतुर्थी तिथि की ऊर्जा लोगों को परेशान करने वाली, नाराज या क्रोधित करने वाली होती है. चतुर्थी तिथि की ऊर्जा लोगों को निराश और हतोत्साहित करने वाली भी होती है. यह तिथि चीजों को खत्म करने वाली भी होती है.
वहीं नवमी तिथि की ऊर्जा जो चीज जैसी है, उसको वैसी ही अवस्था में स्वीकार करने वाली होती है. इस तिथि की ऊर्जा कोई बदलाव नहीं चाहती है और न ही उसके लिए कोई संघर्ष करना चाहती है, जब तक कि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाने लगें. ऐसे ही चतुर्दशी तिथि भगवान शिव से जुड़ी है.
रिक्ता तिथियां क्यों होती हैं अशुभ
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, रिक्ता तिथियां को अशुभ मानते हैं क्योंकि इसमें आप कोई भी शुभ कार्य करते हैं, तो उसका लाभ आपको लंबे समय तक के लिए प्राप्त नहीं होता है.
रिक्ता तिथियों में कौन से काम करें?
रिक्ता तिथियों में आप तत्कालिक लाभ प्रदान करने वाले काम कर सकते हैं. जैसे कि आपको कोई ऑपरेशन कराना है, किसी रोग से मुक्ति के लिए इलाज कराना है, घर की साफ-सफाई करना, कबाड़ आदि निकालना, किसी कोर्ट केस या कचहरी के चक्कर से छुटकारा चाहिए तो आप ये काम चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी के दिन कर सकते हैं. इसमें ये काम करने से आपको लाभ होगा.
रिक्ता तिथियों में कौन से काम न करें?
हर माह में रिक्ता तिथियां दो बार आती हैं. यदि आपको कोई नया काम शुरू करना है, कोई नया प्रोजेक्ट या बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो रिक्ता तिथियों में न करें. रिक्ता तिथियों में ये काम करेंगे, तो आपको उसके शुभ परिणाम या सफलता लंबे समय तक नहीं प्राप्त होंगे.


