राखी बांधते समय बहनें 3 गांठ क्यों लगाती हैं? जानें रक्षाबंधन की पौराणिक परंपरा और पूजा विधि
रक्षाबंधन 2025 की तारीख और शुभ मुहूर्त
2025 में रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त को मनाया जाएगा. ज्योतिष के मुताबिक, उस दिन का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:22 से 5:04 बजे तक रहेगा, अगर दिन में राखी बांधना है तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12:53 तक सबसे अच्छा माना गया है. इसी दौरान अगर बहनें अपने भाई को राखी बांधेंगी तो उसका शुभ फल कई गुना बढ़ जाएगा.
2. हल्दी – इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है
3. नारियल – समृद्धि का संकेत
4. राखी – भाई की कलाई पर बांधने के लिए
5. दीपक – पूजा के समय जलाने के लिए
6. मिठाई – जैसे मावा से बनी मिठाई या खीर
माना जाता है कि इन चीजों के बिना रक्षाबंधन की पूजा अधूरी मानी जाती है. इसलिए थाली पूरी तरह सजी होनी चाहिए.
राखी बांधते समय 3 गांठ लगाने की परंपरा काफी पुरानी है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन गांठों का सीधा संबंध त्रिदेव – ब्रह्मा, विष्णु और महेश से होता है.
1. पहली गांठ – भाई की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए
2. दूसरी गांठ – बहन की लंबी उम्र और सुख-शांति के लिए
3. तीसरी गांठ – भाई-बहन के रिश्ते में प्यार और मिठास बनाए रखने के लिए
त्योहार का महत्व
रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का त्योहार नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के रिश्ते की गहराई को दर्शाता है. यह पर्व हमें याद दिलाता है कि जीवन में रिश्तों का कितना महत्व है. बहनें भाई की रक्षा और सुख की कामना करती हैं, वहीं भाई भी बहन की खुशियों और सुरक्षा का वचन देते हैं.


