मां काली के इस मंदिर ने बदला बंगाल का भाग्य, हर रात गायब हो जाती है प्रतिमा, ब्रिटिश सेना से लड़ने के लिए मिली तलवार

मां काली के इस मंदिर ने बदला बंगाल का भाग्य, हर रात गायब हो जाती है प्रतिमा, ब्रिटिश सेना से लड़ने के लिए मिली तलवार

Last Updated:

Kashipur Adi Maa Kali Mandir: वैसे तो आपने कई मंदिरों की इतिहास और चमत्कार के बारे में सुना होगा लेकिन पश्चिम बंगाल में एक मंदिर है, जिसे पूरे बंगाल का भाग्य बदल दिया है. साथ ही इस मंदिर का आजादी के आंदोलन में बहुत बड़ा योगदान है. भक्त की तपस्या से प्रसन्न होकर मां काली स्वयं प्रकट हुईं. आइए जानते हैं माता के इस मंदिर के बारे में…

ख़बरें फटाफट

Kashipur Adi Maa Kali Mandir: अपनी परेशानियों और दुख से मुक्ति के लिए भक्त पूजनीय देवी-देवताओं के पास आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में एक ऐसा मंदिर है, जहां खुद मां भक्तों के संकट निवारण के लिए मंदिर से बाहर निकलती हैं. बंगाल में स्थापित मां काली का यह मंदिर कई मायनों में खास है. यह मंदिर श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है. बताया जाता है कि आजादी के आंदोलन में भी इस मंदिर का काफी योगदान रहा है और यहां हर दिन ऐसे चमत्कार होते हैं, जिसे देखकर कोई भी विश्वास नहीं करता. मान्यता है कि माता काली के दर्शन करने मात्र से भय, संकट, ग्रह-नक्षत्र के अशुभ प्रभाव, नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है और हर कार्य में सफलता मिलती है. आइए जानते हैं माता काली के इस मंदिर के बारे में…

मां काली का अद्भुत मंदिर
पश्चिम बंगाल के नाओगांव के पास काशीपुर गांव में मां काली का एक अद्भुत मंदिर है, जिसे विजय के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. मंदिर में मां को खुश करने के लिए भक्त प्रतिमा को सिर पर उठाकर चलते हैं और उनका खास तौर पर आशीर्वाद पाते हैं. यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और भक्त हर साल परंपरा का निर्वाह करते हैं.

रात के समय गायब हो जाती है प्रतिमा
काली मंदिर को लेकर मान्यता है कि मां काली की प्रतिमा रात के समय गायब हो जाती है क्योंकि मां अपने भक्तों के संकट हरने के लिए खुद मंदिर का पवित्र स्थान छोड़कर भक्तों के पास जाती हैं. यह मंदिर अपनी चमत्कारी शक्ति और परंपरा के लिए प्रसिद्ध है और मां को ‘भवतारिणी’ रूप में पूजा जाता है. यह रूप मां ने भक्तों को संकट से मुक्त करने के लिए धारण किया था.

आजादी के आंदोलन में माता काली की भूमिका
प्रतिमा बहुत अद्भुत है, जहां मां काली भगवान शिव की छाती पर पैर रखे खड़ी हैं. मां के हाथ में खड़ग और कमल का फूल दोनों हैं, जो उनके उग्र और कोमल दोनों रूपों को दिखाता है. इस मंदिर को बंगाल का भाग्य बदलने वाला मंदिर भी कहा जाता है. पौराणिक कथाओं की मानें तो जब बंगाल पर ब्रिटिश सेना ने हमला किया था, तब राजा कृष्ण चंद्र ने ब्रिटिश सेना का सामना किया था. इस जंग में बंगाल के कई गांव जल गए थे और अकेले लड़ते राजा कृष्ण चंद्र हारने की कगार पर पहुंच गए थे.

Adi Maa Kali Mandir

कृष्ण-काली भक्त के रूप में हुए प्रसिद्ध
बताया जाता है कि ऐसे में उन्होंने मां काली की घोर तपस्या की थी. भक्त की तपस्या से प्रसन्न होकर मां काली स्वयं प्रकट हुईं और उन्होंने लड़ने के लिए एक शक्तिशाली तलवार भी प्रदान की थी. इस घटना के बाद राजा ने ब्रिटिश सेना का सामना किया और उन्हें खदेड़ दिया. राज्य को बचाने के बाद राजा कृष्ण चंद्र ‘कृष्ण-काली भक्त’ के रूप में प्रसिद्ध हो गए. इसी कथा के बाद से मंदिर को विजय के प्रतीक और दिव्य ऊर्जा के स्रोत के रूप में पूजा जाता है.

About the Author

authorimg

Parag Sharma

मैं धार्मिक विषय, ग्रह-नक्षत्र, ज्योतिष उपाय पर 8 साल से भी अधिक समय से काम कर रहा हूं। वेद पुराण, वैदिक ज्योतिष, मेदनी ज्योतिष, राशिफल, टैरो और आर्थिक करियर राशिफल पर गहराई से अध्ययन किया है और अपने ज्ञान से प…और पढ़ें

homedharm

मां काली के इस मंदिर ने बदला बंगाल का भाग्य, हर रात गायब हो जाती है प्रतिमा

Source link

Previous post

Weekly Ank Jyotish 15 To 21 December 2025: मूलांक 2 वालों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्त, मूलांक 5 वालों को सुख-समृद्धि के अवसर मिलेंगे लेकिन इन 4 वाले सावधानी से रहें, पढ़ें दिसंबर का साप्ताहिक अंक ज्योतिष

Next post

मूडी होते हैं इन तारीखों को जन्मे जातक, इन्हें समझ पाना बेहद मुश्किल लेकिन अपने होते हैं मल्टीटास्किंग वाले

You May Have Missed