भूमि खरीदते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान, नहीं तो जिंदगी भर रहेंगे परेशान!

भूमि खरीदते समय इन बातों का जरूर रखें ध्यान, नहीं तो जिंदगी भर रहेंगे परेशान!

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Vastu Tips: ज़मीन ख़रीदने से पहले उसकी वास्तु जांच ज़रूरी है. सही भूमि का चयन करने से न सिर्फ़ आर्थिक उन्नति होती है, बल्कि जीवन में सुख-शांति भी बनी रहती है. अगर भूमि दोषयुक्त हो, तो पहले उसे शुद्ध कर लेना चाह…और पढ़ें

भूमि खरीदते समय वास्तु

हाइलाइट्स

  • भूमि खरीदते समय वास्तु जांच जरूरी है.
  • पीली या सफेद मिट्टी शुभ मानी जाती है.
  • दक्षिण-पश्चिम दिशा में गड्ढे आर्थिक नुकसान देते हैं.

Vastu Tips: अगर आप ज़मीन ख़रीदने की सोच रहे हैं तो सिर्फ लोकेशन ही नहीं, बल्कि भूमि के शुभ-अशुभ प्रभावों को भी जानना बेहद ज़रूरी है. कई बार बेहतरीन जगह पर स्थित ज़मीन भी नुकसानदेह साबित होती है जबकि कुछ जगह विशेष लाभकारी होती हैं. वास्तुशास्त्र के अनुसार हर ज़मीन व्यापार या मकान के लिए शुभ नहीं होती.

अगर भूमि दोषपूर्ण हो तो नई संपत्ति ख़रीदने के बाद भी जीवन में मुश्किलें बढ़ सकती हैं. कई लोगों को यह कहते सुना होगा कि “इस मकान में आते ही परेशानियां शुरू हो गईं” या “यह दुकान उनके लिए ठीक नहीं रही”. इसका कारण भूमि दोष हो सकता है. कुछ ज़मीनें सालों तक खाली पड़ी रहने के कारण नकारात्मक ऊर्जा से भर जाती हैं. ऐसे में ज़मीन ख़रीदने से पहले उसके शुभ-अशुभ प्रभावों को जांचना बेहद ज़रूरी है. इस बारे में बता रहे हैं वास्तु शास्त्री धर्मेंद्र शर्मा.

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कैसे पहचानें ?
अगर किसी ज़मीन पर नकारात्मक ऊर्जा या दोष मौजूद है, तो वहां घर या व्यापार करने से समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. ऐसे में कुछ आसान तरीकों से आप ज़मीन की शुद्धता और शुभता का पता लगा सकते हैं.

मिट्टी के रंग से भूमि दोष की पहचान

  • पीली या सफ़ेद मिट्टी- शुभ मानी जाती है और समृद्धि लाती है.
  • लाल या मध्यम काले रंग की मिट्टी अशुभ मानी जाती है और बाधाएं उत्पन्न कर सकती है.

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पानी का परीक्षण

  • ज़मीन में एक गड्ढा खोदकर उसमें पानी भरें और पूर्व दिशा में सौ कदम चलें. अगर वापस आने पर पानी ज्यों का त्यों है, तो भूमि उत्तम है. अगर पानी आधा रह जाए, तो भूमि सामान्य फल देने वाली होगी. अगर पानी पूरी तरह सूख जाए, तो यह भूमि नकारात्मक शक्तियों से प्रभावित है.

कैसी ज़मीन मकान बनाने के लिए उत्तम होती है?

  • अगर आप मकान बनाना चाहते हैं, तो वास्तुशास्त्र के अनुसार कुछ चीजों का ध्यान रखना ज़रूरी है-
  • भूमि के उत्तर-पूर्व में कोई पहाड़, मल्टीस्टोरी बिल्डिंग या पीपल का पेड़ नहीं होना चाहिए.
  • दक्षिण-पश्चिम दिशा में गड्ढे, तालाब या नदी होने से आर्थिक नुकसान होता है.
  • बहुत पुराने पेड़ अगर ज़मीन पर हों, तो यह भूमि अशुभ मानी जाती है.
  • ज़मीन की सतह समतल और साफ़ होनी चाहिए.

भूमि दोष दूर करने के उपाय
अगर ज़मीन में दोष हो तो इसे शुद्ध करने के लिए कुछ समय के लिए वहां गाय और बछड़ों को रखा जाए. गौशाला बनाकर गोबर और गौमूत्र से भूमि को शुद्ध किया जा सकता है. इससे नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है और ज़मीन शुभ प्रभाव देने लगती है.

कौन-सी ज़मीन अशुभ मानी जाती है?
वास्तुशास्त्र के अनुसार कुछ ज़मीनें अशुद्ध होती हैं और वहां मकान या व्यापार करने से हानि हो सकती है.

अग्नि जलाने का परीक्षण

  • अगर ज़मीन पर आग जलाने पर वह जल्दी बुझ जाए, तो भूमि अशुभ होती है.
  • अगर आग अच्छे से जलती है, तो ज़मीन शुभ मानी जाती है.
  • भूमि से निकली चीज़ों से शुभ-अशुभ का संकेत
  • अगर नींव खोदते समय सोना, चांदी, धन-रत्न निकलें, तो यह ज़मीन अत्यंत शुभ होती है.

कोयला, हड्डियां या टूटी-फूटी चीजें निकलें तो यह भूमि अशुभ मानी जाती है और इसे ख़रीदने से बचना चाहिए.

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