भाद्रपद के पहले प्रदोष पर मिलेगी शिव कृपा, शिवलिंग पर चढ़ाएं भगवान कृष्ण की प्रिय 4 वस्तुएं, चमकेगा भाग्य!

भाद्रपद के पहले प्रदोष पर मिलेगी शिव कृपा, शिवलिंग पर चढ़ाएं भगवान कृष्ण की प्रिय 4 वस्तुएं, चमकेगा भाग्य!

हाइलाइट्स

भादों मास का पहला प्रदोष 31 अगस्त, दिन शनिवार को पड़ रहा है. आने वाले प्रदोष व्रत की खास बात यह कि, ये भाद्रपद मास का पहला प्रदोष है.

First Pradosh Of Bhadrapad 2024: हिन्दू पंचांग का पांचवां महीना सावन महादेव को समर्पित माना जाता है. वैसे इसका अगला महीना भाद्रपद भगवान कृष्ण को समर्पित है. इस महीने में वैसे तो कई महत्वपूर्ण व्रत आते हैं, लेकिन उनमें से त्रयोदशी तिथि को आने वाले व्रत को प्रदोष के नाम से जाना जाता है. इस दिन भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करने की परंपरा है. जो कि 31 अगस्त, दिन शनिवार को पड़ रहा है. आने वाले प्रदोष व्रत की खास बात यह कि ये भाद्रपद मास का पहला प्रदोष है. वहीं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार यह महीना भगवान कृष्ण का है और कृष्ण महादेव के आराध्य भी हैं. ऐसे में आपको इस व्रत के दौरान शिवलिंग पर भगवान कृष्ण से जुड़ी और उनकी कुछ प्रिय वस्तुएं चढ़ाना चाहिए, जो आपको शुभ फल प्रदान करेंगी.

1. राधा कृष्ण नाम लिखा हुआ बेलपत्र
धार्मिक मान्यता और ग्रंथों के अनुसार भगवान कृष्ण को राधा नाम अत्यधिक प्रिय है. ऐसे में आप शिवलिंग पर यदि राधा कृष्ण नाम लिखा हुआ बेलपत्र चढ़ाते हैं तो इससे भगवान शिव के साथ भगवान कृष्ण की कृपा भी बरसती है.

यह भी पढ़ें – महाभारत में 18 दिनों तक बाणों की शैय्या पर क्यों सोए रहे पितामह भीष्म? पढ़ें रोचक कथा

2. माखन
भगवान कृष्ण को माखन चोर के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि उन्हें माखन बहुत ही पसंद है. ऐसे में आप प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान शिवलिंग पर माखन भी चढ़ा सकते हैं. इससे पारिवारिक क्लेश दूर होता है.

3. मोरपंख
आपने भगवान कृष्ण के मुकुट पर मोरपंख हमेशा देखा होगा, यह भी उनकी प्रिय चीजों में से एक है. ऐसे में आप प्रदोष व्रत वाले दिन शिवलिंग पर मोर पंख चढ़ाएं, इससे महादेव जल्दी प्रसन्न होंगे और आपकी सारी समस्याओं को दूर करेंगे.

यह भी पढ़ें – अंतिम संस्कार के बाद क्यों इकट्ठा की जाती हैं अस्थियां? फिर क्यों करते हैं विसर्जन? जानें क्या कहता है गरुड़ पुराण

4. बांसुरी
पुराणों के अनुसार, भगवान कृष्ण जब बांसुरी बजाते थे तो इसकी आवाज सुनकर भगवान शिव कैलाश से अक्सर ब्रज धाम में दर्शन करने आते थे. ऐसे में आप प्रदोष व्रत के दौरान शिवलिंग पर बांसुरी जरूर चढ़ाएं.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion

Source link

Previous post

आज बढ़ेगा मान-सम्मान, कोई बड़ा व्यक्ति बनेगा मददगार, गुस्से पर रखें काबू, जानें अपना भविष्यफल

Next post

भाद्रपद अमावस्या 6 राशिवालों के लिए शुभ, सफलता चूमेगी कदम, नए अवसर, धन लाभ से चमकेगी किस्मत!

You May Have Missed