भगवान को दाढ़ी-मूंछ क्यों नहीं होती है? कभी आपने सोचा है, आखिर क्या है इसकी वजह
Last Updated:
आपने भगवान शिव, प्रभु राम, भगवान श्रीकृष्ण, श्रीहरि विष्णु, गणेश जी, हनुमान जी आदि सभी भगवान की तस्वीरें देखी होंगी, किसी में भी उनकी दाढ़ी और मूंछ नहीं होती हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान को दाढ़ी और मूंछ…और पढ़ें
देवताओं की दाढ़ी-मूंछ क्यों नहीं होती?
हिंदू धर्म में आपने जितने भी भगवान की तस्वीरों को देखा है, उसमें उनकी दाढ़ी और मूंछ नहीं होती है. वे बिना दाढ़ी और मूंछ के दिखाई देते हैं. आपने भगवान शिव, प्रभु राम, भगवान श्रीकृष्ण, श्रीहरि विष्णु, गणेश जी, हनुमान जी आदि सभी भगवान की तस्वीरें देखी होंगी, किसी में भी उनकी दाढ़ी और मूंछ नहीं होती हैं. भगवान राम 14 साल तक वन में रहें, लेकिन कभी भी उनकी दाढ़ी और मूंछ वाली तस्वीर नहीं बनी. हालांकि आजकल की कुछ तस्वीरों में लोग दाढ़ी-मूंछ बना देते हैं, लेकिन ये सही नहीं है. क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान को दाढ़ी और मूंछ क्यों नहीं होती है? आइए जानते हैं कि इसकी वजह क्या है?
इसलिए नहीं निकलती है भगवान की दाढ़ी और मूंछ
इस सवाल के जवाब में वृंदावन के प्रेमानंद जी महाराज का कहना है कि भगवान का जो रूप है, वह कभी बूढ़ा नहीं होता है क्योंकि वे तो चिदानंदमय स्वरूप हैं. इस वजह से भगवान की कभी दाढ़ी और मूंछ नहीं निकलती है. वह हर समय नवकिशोर अवस्था 15 और 16 में रहते हैं. यह अवस्था रहती है भगवान की.
भगवान सदा सुंदर रहते हैं…
भगवान के दाढ़ी और मूंछ के सवाल पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज कहते हैं कि भगवान सदा सुंदर होते हैं, वे सदा जवान होते हैं. भगवान तो भगवान है, काल का प्रभाव तो हम पर है, समय हम सभी को बूढ़ा बना रहा है, समय थोड़े ही भगवान को बूढ़ा बनाता है. समय भगवान के अधीन है और हम समय के अधीन हैं. हम समय की मुट्ठी में हैं और समय भगवान की मुट्ठी में है. मैं संसार के हाथों में…संसार तुम्हारे हाथों में. इसलिए भगवान सदा सुंदर हैं.
इस वजह से बना दी ब्रह्मा जी की बूढ़ी तस्वीर
उन्होंने बताया कि भगवान राम जी ने 13 हजार वर्ष तक राज किये और श्रीकृष्ण जी ने 125 वर्ष तक राज किये, लेकिन वे सदा सुंदर ही दिखे, वे सदा नौजवान रहे. भगवान कभी बूढ़े नहीं होते हैं. लोगों ने ब्रह्मा जी की तस्वीर दाढ़ी और बालों वाली बना दी. लोगों को लगा कि वे सबके निर्माण कर्ता हैं तो उनको बूढ़ा बना दिया, लेकिन ऐसा नहीं है.
ये भी पढ़ें: भूलकर भी गिफ्ट में न दें ये 2 चीजें, वरना घर से चली जाएंगी लक्ष्मी, शुरू हो जाएगा बुरा टाइम!
विकार का स्वरूप है मूंछ
देवताओं की मूंछ क्यों नहीं होती है? इस सवाल पर श्री पुण्डरीक गोस्वामी जी कहते हैं कि मूंछ विकार का स्वरूप होता है. इसको विकार माना जाता है. वैसे आजकल लोग भोलेबाबा की मूंछ बना देते हैं. जिन लोगों में किसी प्रकार का विकार नहीं होता है, उनकी मूंछ नहीं आती है. माता और बहनों में विकार नहीं होता है, इसलिए उनमें भी मूंछ नहीं आती है. जैसे ही विकार आता है, वैसे ही उसमें हटाते हैं.
आपकी सुंदरता पर विकार आता है तो आप उसे हटा देते हो. ऐसे ही मन की सुंदरता है कि मन कृष्ण रूप है. उसमें काम, क्रोध, लोभ, मोह विकार हैं, जो दाढ़ी और मूंछ के समान उग आते हैं. उनकी शिकायत क्या करते हो, उनको भी शेव कर आया करो. जिस प्रकार से मूंछ और दाढ़ी निकल आती है तो औजार निकालकर उसे साफ कर देते हो, ऐसे ही जब मन में विकार आए तो गुरु के मंत्र का औजार लो और कर दो उसकी शेविंग.
February 18, 2025, 12:31 IST
भगवान को दाढ़ी-मूंछ क्यों नहीं होती है? कभी आपने सोचा है, आखिर क्या है वजह


