बासी आटे की रोटी खाने से नाराज होते हैं राहु-शनि, नुकसान जान हिल जाएगा दिमाग! दिखने लगेंगे ये लक्ष्ण
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Kitchen Vastu Tips: क्या आपके घर में भी बासी आटे की रोटियां खाई जाती हैं? यदि हां, तो ये आदत अनजाने में मुश्किलें बढ़ा सकती है. बासी आटे से बनी रोटियों का सेवन राहु और शनि के नकारात्मक प्रभाव को सक्रिय करता है, जिससे आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का योग बनता है. जानें और…
Vastu Tips: हिंदू धर्म में रसोईघर को केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि माता अन्नपूर्णा का पवित्र स्थान भी माना गया है. मान्यता है कि जिस घर की रसोई शुद्ध और सकारात्मक रहती है, वहां कभी अन्न, धन, सुख की कमी नहीं होती. लेकिन, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय बचाने के लिए कई लोग रात में बचा गूंथा आटा फ्रिज में रख देते हैं या अगले दिन के लिए पहले ही आटा तैयार कर लेते हैं. बाद में उसी आटे से रोटियां बनाकर परिवार को परोस दी जाती हैं. लेकिन, वास्तु शास्त्र की दृष्टि से यह आदत बेहद अशुभ मानी गई है.
उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, बासी आटे का उपयोग न केवल भोजन की शुद्धता को प्रभावित करता है, बल्कि घर की सकारात्मक ऊर्जा को भी धीरे-धीरे नष्ट कर देता है. शास्त्रों में बताया गया कि बासी आटे में नकारात्मक शक्तियां जल्दी आकर्षित होती हैं, जिससे राहु और शनि के अशुभ प्रभाव बढ़ सकते हैं. इसका असर सीधे व्यक्ति की सेहत, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है. लगातार बासी आटे का सेवन करने से घर में अनावश्यक तनाव, धन की कमी और कार्यों में रुकावटें आने लगती हैं. इतना ही नहीं, यह आदत दरिद्रता को आमंत्रण देने जैसी मानी जाती है, क्योंकि माता अन्नपूर्णा का अपमान होने से घर में लक्ष्मी का वास कमजोर पड़ने लगता है.
इस आदत से राहु-शनि होते हैं नाराज
ज्योतिष शास्त्र में बताया गया कि जब आटे में जल मिलाकर उसे गूंथ दिया जाता है और उसे लंबे समय तक उपयोग में नहीं लाया जाता, तो उस पर राहु की नकारात्मक ऊर्जा हावी होने लगती है. वहीं, ताजे आटे से बनी रोटियों को सूर्य और मंगल ग्रह से जोड़ा गया है, जो शरीर में स्फूर्ति, शक्ति और आत्मबल का संचार करते हैं. मान्यताओं के अनुसार, जब आटा बासी हो जाता है तो उसका स्वभाव तामसिक बन जाता है, जिससे शनि और राहु के अशुभ प्रभाव बढ़ने लगते हैं. इसका असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है और स्वभाव में चिड़चिड़ापन, सुस्ती और ऊर्जा की कमी महसूस होने लगती है.
पितृ भी होते हैं नाराज
शास्त्रों में यह माना गया है कि गूंथा हुआ और लंबे समय तक रखा गया आटा एक प्रकार के पिंड स्वरूप जैसा हो जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस तरह का आटा घर के वातावरण में नकारात्मक शक्तियों और असंतुष्ट ऊर्जाओं को अपनी ओर खींच लेता है. इसी वजह से ग्रंथों में रात से बचा हुआ आटा दोबारा उपयोग करने से मना किया गया है. कहा जाता है कि बासी आटे का प्रयोग करने से घर में रोग, मानसिक अशांति और आपसी तनाव की स्थितियाँ बढ़ सकती हैं, जिससे परिवार का सुख-शांति भंग हो जाती है.
मां अनपूर्णा होती हैं नाराज
मान्यताओं के अनुसार, रसोईघर में रखा हुआ बासी आटा माता अन्नपूर्णा को नाराज करता है. ऐसा विश्वास है कि जिन घरों में ताजा भोजन बनाने के बजाय पुराने आटे का प्रयोग किया जाता है, वहां धीरे-धीरे समृद्धि का प्रवाह रुकने लगता है और आर्थिक परेशानियां बढ़ने लगती हैं, जिससे दरिद्रता का प्रभाव घर में दिखाई देने लगता है, इसलिए भूलकर भी बासी आटे को ज्यादा देर नहीं रखना चाहिए.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.


