घर में ईशान कोण का वास्तु दोष दे सकता है कैंसर जैसी गंभीर बीमारी, जानें आसान उपाय

घर में ईशान कोण का वास्तु दोष दे सकता है कैंसर जैसी गंभीर बीमारी, जानें आसान उपाय

Ishan Vastu Tips: वास्तु शास्त्र के मुताबिक, उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण कहते हैं और इसे बहुत शुभ माना जाता है. यह दिशा दैवीय ऊर्जाओं से जुड़ी हुई है और इसमें भगवान शिव और भगवान कुबेर का वास माना जाता है. वास्तु के अनुसार इस दिशा में कुछ निश्चित चीजें हैं, जिन्हें रखने से निश्चित रुप से हमें वास्तु देवता की कृपा प्राप्त होती है. आइये विस्तार से जानते हैं इसके बारे में.

ऐसे करें दिशा का निर्धारण
जब आपका मुंह नॉर्थ की ओर होगा, तब ईस्ट आपके दाईं ओर होगा और वेस्ट आपके बाईं ओर. जब आप साउथ की ओर मुंह किए होंगे, तब ईस्ट आपके बाईं ओर होगा और वेस्ट दाईं ओर.

ईशान कोण में क्या रखें
1. इस दिशा में मंदिर बनवाना शुभ माना जाता है.

2. इस दिशा में भगवान कुबेर की तस्वीर या मूर्ति रखना शुभ माना जाता है.

3. इस दिशा में तुलसी, हल्दी, और पुदीना जैसे पौधे लगाए जा सकते हैं.

4. इस दिशा में कपूर रखने से पॉजिटिविटी बढ़ती है. कपूर को किसी नॉन-मैटेलिक प्लेट में रखना चाहिए और इसे जलाना नहीं चाहिए.

5. इस दिशा में अध्ययन या ध्यान करने से आध्यात्मिक ज्ञान मिलता है.

6. इस दिशा में बड़ी खिड़की लगानी चाहिए, जिससे ब्रह्मांडीय ऊर्जा घर में प्रवेश कर सके.

ईशान कोण में क्या न रखें
1. इस दिशा में शौचालय नहीं बनवाना चाहिए.

2. इस दिशा में इलेक्ट्रिक सामान नहीं रखना चाहिए.

3. इस दिशा में सीढ़ियां नहीं बनानी चाहिए.

4. इस दिशा में जूते-चप्पल नहीं रखने चाहिए.

ईशान कोण के वास्तु दोष के उपाय
1. ईशान के कटे होने पर
यदि भवन का ईशान क्षेत्र कटा हो या और दिशाओं की अपेक्षाकृत छोटा हो तो उस कटे हुए भाग पर एक बड़ा शीशा लगाएं. इससे भवन का ईशान क्षेत्र बड़ा हुआ सा प्रतीत होता है और कटे हुए कोण से उत्पन्न वास्तु दोष दूर होगा. इस दिशा में भगवान विष्णु या देव गुरु बृहस्पति या फिर शिव परिवार की तस्वीर लगाने से वास्तु दोष के दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है.

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2.टॉयलेट के लिए करें ये उपाय:
किसी भवन के उत्तर-पूर्व कोने में जाने-अनजाने में बना हुआ टॉयलेट वास्तु की दृष्टि से दोषपूर्ण माना गया है, ऐसा होने से परिवार में अशांति, जटिल रोग और अनैतिक कार्यों से धन व सम्मान की हानि होने की आशंका रहती है. ऐसे घरों में पीढ़ी दर पीढ़ी कैंसर, लकवा जैसी गंभीर बीमारियाँ देखी गई हैं. यदि भवन के ईशान कोण में टॉयलेट है तो उसे स्थाई रूप से बंद करना या फिर केवल बाथरूम के रूप में उपयोग करना ही बेहतर है. लेकिन जगह की कमी के कारण ये संभव नहीं तो टॉयलेट के दरवाजे के बाहरी भाग में एक बड़ा दर्पण इस तरह लगा दें कि वह दक्षिण-पश्चिम कोण से आसानी से नज़र आए.

यदि किसी वजह से दर्पण लगाना भी संभव न हो तो टॉयलेट के अंदर कांच के एक बाउल में साबुत नमक या फिटकरी के टुकड़े रखें. साथ ही टॉयलेट के दरवाजे के बाहर की तरफ शिकार करते हुए या मुंह फाड़ते हुए शेर का एक बड़ा चित्र लगा दें, वास्तु दोष का प्रभाव कम होगा.

3. यदि यहाँ है रसोई
अगर ईशान कोण में रसोई घर हो तो उस रसोई घर के अंदर गैस चूल्हे को आग्नेय कोण में रख दें और रसोई के ईशान कोण में साफ बर्तन में जल भरकर रखें अथवा पीने के पानी व्यवस्था करें- जैसे मटका, आरओ या वाटर फ़िल्टर. रसोई की ईशान दिशा को हल्का और खाली रखें और यहाँ से भारी चीजें जैसे अलमारी या फ्रिज आदि को रसोई के दक्षिण या पश्चिम दिशा में शिफ्ट कर दें. शुभ फलों में वृद्धि के लिए इस दिशा की रसोई में, बर्फ से ढंके कैलाश पर्वत पर ध्यान मुद्रा में भगवान श्री शिवजी, जिनके भाल पर चंद्र हो और जटा से गंगाजी निकल रही हों, की तस्वीर लगाना अच्छा माना गया है.

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4. सीढ़ियों के होने पर

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में सीढ़ियों का निर्माण दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में होना चाहिए. उत्तर-पूर्व में सीढ़ियां होना वास्तु दोष है. इस वजह से घर में शारीरिक व मानसिक रोग,धन का अपव्यय और आकस्मिक दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. परन्तु आपके घर में पहले से ही इस दिशा में सीढ़ियां मौजूद है तो और उन्हें वहां से हटाना संभव नहीं है तो उसके वास्तु दोष को दूर करने के लिए घर की छत पर दक्षिण-पश्चिम की ओर एक कमरा बनवा देना चाहिए. धन की कमी के कारण यदि कमरा नहीं बना सकते हैं तो छत की दक्षिण-पश्चिम दिशा में टिनशेड लगाकर वहां काम में नहीं आने वाला भारी सामान रख दें.

घर में सुख शांति बनी रहे इसके लिए उत्तर पूर्व दिशा को हमेशा व्यवस्थित रखना चाहिए. सप्ताह में कम से कम एक बार नमक के पानी से फर्श को पोछना चाहिए. इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.अगर घर के उत्तर-पूर्वी कोने में सेप्टिक टैंक है, तो उसे पीले रंग से रंगा जा सकता है.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Vastu tips

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