गुप्त अंतिम संस्कार से लेकर नए किन्नरों का स्वागत तक, किन्नर समाज से जुड़े ऐसे 10 राज जो आम लोग नहीं जानते, क्या है इनकी सच्चाई?

गुप्त अंतिम संस्कार से लेकर नए किन्नरों का स्वागत तक, किन्नर समाज से जुड़े ऐसे 10 राज जो आम लोग नहीं जानते, क्या है इनकी सच्चाई?

Transgender Culture: किन्नर समाज का एक ऐसा अनोखा हिस्सा हैं, जिनके बारे में सुनना और जानना हमेशा रोचक होता है, ये ना तो पूरी तरह पुरुष होते हैं और ना ही पूरी तरह महिला. हमारी खुशियों में ये मौजूद रहते हैं और माना जाता है कि इनके आशीर्वाद का असर बहुत होता है, इसलिए इनकी नकारात्मकता या बद्दुआ से बचना चाहिए. हालांकि इनके जीवन और रीति-रिवाज आम लोगों से बिलकुल अलग होते हैं, इसलिए इनके बारे में बहुत कम जानकारी बाहर आती है. आज हमें भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं किन्नरों की दुनिया से जुड़ी कुछ ऐसी बातें बताएंगे, जिन्हें जानकर आप सच में हैरान रह जाएंगे.

1. किन्नर संतान का रहस्य
ज्योतिष के अनुसार, पुरुष से पुत्र और महिला से कन्या जन्म लेती है, लेकिन अगर वीर्य और रज का संतुलन बराबर हो तो किन्नर संतान उत्पन्न होती है. इसे लेकर समाज में अलग-अलग मान्यताएं रही हैं.

2. गुप्त अंतिम संस्कार
किसी किन्नर की मौत की खबर समाज तक आम तौर पर नहीं पहुँचती. उनका अंतिम संस्कार बेहद गुप्त तरीके से किया जाता है, ताकि समाज में कोई ज्यादा चर्चा न हो.

3. नए किन्नरों का स्वागत
जब कोई नया व्यक्ति किन्नर समाज में शामिल होता है, तो उससे पहले सामूहिक भोज और नाच-गाना होता है. इसके साथ कई रीति-रिवाज भी निभाए जाते हैं, ये स्वागत समारोह उनके समाज में प्रवेश का एक अनोखा तरीका है.

4. अरावन से विवाह
किन्नर साल में एक बार अपने आराध्य देव अरावन से विवाह करते हैं. हालांकि यह विवाह केवल एक दिन के लिए होता है, फिर भी ये उनके जीवन का खास दिन माना जाता है.

5. शिखंडी की कहानी
पुरानी मान्यताओं के अनुसार महाभारत का शिखंडी भी किन्नर माना गया. यही वजह थी कि अर्जुन ने भीष्म को युद्ध में पराजित किया, ये कहानी दर्शाती है कि किन्नरों का इतिहास और महत्व प्राचीन समय से रहा है.

6. अर्जुन और वृहन्नला
महाभारत में जब पांडवों को एक वर्ष का अज्ञात वास जंगल में बिताना पड़ा, तब अर्जुन किन्नर वृहन्नला बनकर रहा. इस कहानी से पता चलता है कि किन्नरों की भूमिका केवल समाज में ही नहीं, बल्कि इतिहास और महाकाव्यों में भी महत्वपूर्ण रही है.

7. उत्पत्ति की मान्यताएं
एक मान्यता के अनुसार किन्नरों की उत्पत्ति ब्रह्माजी की छाया से हुई. वहीं दूसरी मान्यता में कहा जाता है कि अरिष्टा और कश्यप ऋषि से उनका उद्भव हुआ. इन कहानियों से उनके जीवन की रहस्यमयता और गहराई का अंदाजा होता है.

8. कुंडली का असर
कुछ लोगों का मानना है कि कुंडली में बुध, शनि, शुक्र और केतु के अशुभ योगों के कारण व्यक्ति किन्नर या नपुंसक पैदा हो सकता है. इसे लेकर ज्योतिषियों के अलग-अलग मत हैं, लेकिन ये मान्यता आज भी लोगों में चर्चित है.

9. समाज में अलग पहचान
किन्नर समाज का एक ऐसा हिस्सा है जिसे समाज हमेशा अलग नजर से देखता है. फिर भी उनकी परंपराओं, पूजा और उत्सवों की अपनी एक पहचान है, जिसे वे बड़े ही श्रद्धा भाव से निभाते हैं.

10. आशीर्वाद का महत्व
कहा जाता है कि किन्नरों के आशीर्वाद का असर बहुत होता है. इसलिए अगर कोई खुशियों का अवसर हो जैसे शादी, जन्मदिन या नए घर की शुरूआत, तो किन्नरों को बुलाना शुभ माना जाता है. उनकी उपस्थिति को लोगों के लिए सौभाग्य और खुशियों का संकेत माना जाता है.

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