गणेश जयंती कब है? रवि योग में मनेगा गणप​ति बप्पा का जन्मदिन, जानें मुहूर्त, भद्रा समय, महत्व

गणेश जयंती कब है? रवि योग में मनेगा गणप​ति बप्पा का जन्मदिन, जानें मुहूर्त, भद्रा समय, महत्व

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गणेश जयंती 2025 में 1 फरवरी को मनाई जाएगी. पूजा का मुहूर्त 11:38 से 1:40 तक है. इस दिन रवि योग, परिघ योग और शिव योग बन रहे हैं. भद्रा रात 10:26 से अगले दिन सुबह 7:09 तक है.

गणेश जयंती माघ शुक्ल चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है.

गणेश जयंती हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है. पौराणिक कथा के अनुसार, माघ शुक्ल चतुर्थी तिथि को गणेश जी का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि पर गणेश जयंती या गणेश जी का जन्मदिन मनाते हैं. इस साल गणेश जयंती पर रवि योग बन रहा है, रात के समय में भद्रा लग रही है और पूरे दिन पंचक है. गणेश जयंती पर पूजा के लिए आपको 2 घंटे से अधिक का समय प्राप्त होगा. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि गणेश जयंती कब है? गणेश जयंती की पूजा का मुहूर्त, ​रवि योग, भद्रा समय क्या है?

गणेश जयंती 2025 तारीख
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, गणेश जयंती के लिए जरूरी माघ शुक्ल चतुर्थी तिथि 1 फरवरी को दिन में 11 बजकर 38 मिनट से शुरू होगी. यह ति​थि 2 फरवरी को सुबह 9 बजकर 14 मिनट तक मान्य है. ऐसे में पूजा मुहूर्त के आधार पर इस साल गणेश जयंती 1 फरवरी शनिवार को मनाई जाएगी. गणेश जयंती को माघ विनायक चतुर्थी के नाम से भी जानते हैं. उस दिन गणप​ति बप्पा का जन्मदिन मनाया जाएगा.

गणेश जयंती 2025 मुहूर्त
1 फरवरी को गणेश जयंती की पूजा का मुहूर्त दिन में 11 बजकर 38 मिनट से दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक है. इस दिन गणेश जी की पूजा के लिए 2 घंटे 2 मिनट का शुभ समय प्राप्त प्राप्त होगा.

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रवि योग में मनेगी गणेश जयंती 2025
इस साल गणेश जयंती के दिन रवि योग बन रहा है. उस दिन रवि योग सुबह में 7 बजकर 9 मिनट से बन रहा है, जो अगले दिन 2 फरवरी को तड़के 2 बजकर 33 मिनट तक रहेगा. रवि योग में सूर्य देव का प्रभाव अधिक होता है, जिसमें सभी प्रकार के दोष मिट जाते हैं.

गणेश जयंती पर परिघ और शिव योग भी बन रहे हैं. उस दिन प्रात:काल से परिघ योग बनेगा, जो दोपहर 12 बजकर 25 मिनट तक रहेगा. उसके बाद शिव योग बनेगा. उस दिन पूर्व भाद्रपद नक्षत्र पूरे दिन है. 2 फरवरी को तड़के 2 बजकर 33 मिनट तक है. उसके बाद से उत्तर भाद्रपद नक्षत्र है.

गणेश जयंती पर भद्रा का साया
इस बार गणेश जयंती के दिन भद्रा का साया है. भद्रा रात में 10 बजकर 26 मिनट पर लगेगी, जो अगले दिन 2 फरवरी को सुबह 7 बजकर 9 मिनट तक है. इस भद्रा का वास पृथ्वी पर है, ऐसे में इस समय में कोई शुभ कार्य नहीं होगा. हालांकि गणेश जयंती की पूजा के समय भद्रा नहीं है. गणेश जयंती पर पूरे दिन पंचक भी लगेगा.

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गणेश जयंती का महत्व
गणेश जयंती माघी विनायक चतुर्थी को है. उस दिन गणपति बप्पा का जन्म हुआ था. जो लोग गणेश जयंती पर व्रत रखकर गणपति महाराज की पूजा करते हैं, उनके सभी संकट दूर होते हैं और कार्य सफल सिद्ध होते हैं. जीवन में शुभता बढ़ती है.

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गणेश जयंती कब है? रवि योग में मनेगा गणप​ति बप्पा का जन्मदिन, जानें मुहूर्त

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